पंचायत सहायकों से मिले सपा प्रमुख, 2027 में सरकार बनने पर मांगों पर अमल का भरोसा, निषाद समाज और कानून -व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर भाजपा को घेरा
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भाजपा सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने पीडीए, पंचायत सहायकों की मांगों, कानून-व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था और निषाद समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा राज में “अत्याचार, अन्याय, अहंकार” बढ़ रहा है और पीडीए समाज इसके निशाने पर है।
पंचायत सहायकों से मिले अखिलेश, 2027 को लेकर किया बड़ा वादा
सपा की ओर से बताया गया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के 58,672 पंचायत सहायक अपनी मांगों को लेकर 7 सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण समेत अपनी मांगें रखीं। सपा के अनुसार, पंचायत सहायकों ने धरना स्थल पर पेयजल और शौचालय की सुविधा को लेकर भी समस्याएं बताईं। अखिलेश यादव ने पंचायत सहायकों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उनकी मांगों पर अमल किया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल में अभिषेक यादव, शिवम मिश्रा, आरफ खान, किरन देवी, वंदना देवी और पुष्पा देवी शामिल रहे।
पीडीए समाज की कोई सुनवाई नहीं..

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर पीडीए समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि “पीडीए समाज की कोई सुनवाई नहीं इनकी सरकार में।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के निशाने पर पीडीए है और सत्ता व्यवस्था को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। अपने एक बयान में सपा प्रमुख ने कहा, “पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है और पीडीए की एकता भी।”
निषाद समाज को लेकर भाजपा पर निशाना
सपा की ओर से जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा किn“भाजपा में निषाद को विषाद के सिवा कुछ नहीं मिलेगा।” उन्होंने भाजपा सरकार पर अत्याचार, अन्याय और अहंकार का पर्याय बनने का आरोप लगाया। उन्होंने गोंडा में समाजवादी पार्टी से जुड़े बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या का जिक्र करते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। यह आरोप और मांग सपा की ओर से जारी बयान में कही गई है।
पुलिस व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को सरकार के कुकर्मों में संलिप्त होने के लिए बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे मुकदमों और एनकाउंटर का हिस्सा बनाकर पुलिस की शक्ति और प्रभाव को कमजोर किया गया है।
‘राम मंदिर नहीं छोड़ा तो राम पथ कैसे छोड़ देंगे?’
उन्होंने राम मंदिर और राम पथ को लेकर भी भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “जिन्होंने राम मंदिर नहीं छोड़ा वह राम पथ को कैसे छोड़ देंगे?”इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि आने वाले समय में “एकरंगी लोगों को कोई स्वीकार नहीं करने वाला।
नौकरी और अस्पतालों को लेकर भी हमला
सरकार की रोजगार नीति पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक लाख नौकरियां देने की बात कही थी, लेकिन उनके मुताबिक अगस्त में शून्य नौकरियां दी गईं और सितंबर में भी स्थिति ऐसी ही रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसके बाद चुनाव की तारीख आ जाएगी। स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सपा प्रमुख ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में “बहुत से अस्पतालों को इलाज की जरूरत है, अस्पताल ही बीमार है।”
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी भाजपा पर हमला
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी भाजपा और उसके विधायकों पर निशाना साधा। उन्होंने एक पोस्ट में भाजपा विधायक को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में सवाल उठाते हुए “कहां है भाई-साहब गायब जी” लिखा। पोस्ट में उन्होंने कथित तौर पर मंदिर, युवाओं पर कार्रवाई, महंगाई, जनहित और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाते हुए भाजपा विधायकों पर सवाल खड़े किए।
महोबा के सर्वेयर मामले पर भी टिप्पणी
अखिलेश यादव ने महोबा के चरखारी में सर्वेयरों से जुड़े मामले को लेकर भी भाजपा पर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि फसल सर्वे के नाम पर कथित वसूली के मामले में स्थानीय लोगों ने दो सर्वेयरों को पकड़ा और स्थानीय भाजपा विधायक ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें फटकार लगाई। सपा प्रमुख ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि “सब मिले हुए हैं।” हालांकि, यह टिप्पणी अखिलेश यादव का राजनीतिक आरोप है।
भाजपा में पद मिल सकता है, सम्मान नहीं
सपा प्रमुख ने भाजपा से जुड़े लोगों पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता के साथ रहकर अपनी इज्जत और रुतबा बढ़ने की उम्मीद करते हैं, वे भी अब समझ गए हैं कि भाजपा में दिखावे का पद तो मिल सकता है, लेकिन सम्मान नहीं।नउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का वर्चस्ववादी रवैया प्रभुत्व बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार में पीड़ा बढ़ रही है और इसी कारण पीडीए तथा उसकी एकता भी बढ़ रही है।
माता प्रसाद पांडे के स्वास्थ्य की ली जानकारी
इस दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडे के स्वास्थ्य को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माता प्रसाद पांडे स्वस्थ हैं।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
