जमात रजा-ए-मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान मियां बोले- लंगर का मक़सद सिर्फ़ खाना खिलाना नहीं, बल्कि इंसानियत, मोहब्बत और अमन का पैग़ाम देना है, 24 घंटे होगी खिदमत की व्यवस्था
बरेली : आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ फ़ाज़िले बरेलवी के 108वें तीन दिवसीय उर्स -ए-रज़वी की तैयारियां अब अंतिम मरहले में पहुंच गई हैं।आगामी 6 अगस्त से शुरू होने वाले उर्स-ए-रज़वी के मद्देनज़र दरगाह आला हज़रत से लेकर उर्स स्थल मदरसा जामियातुर रज़ा तक ज़ोर-शोर से इंतज़ामात किए जा रहे हैं। उर्स की तमाम रस्में क़ाज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ़्ती मुहम्मद असजद रज़ा ख़ाँ क़ादरी की सरपरस्ती में अदा की जाएंगी। इसी सिलसिले में रविवार को मदरसा जामियातुर रज़ा में जिले भर की लंगर कमेटियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की सदारत जमाअत रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां ने की, जिसमें उर्स के दौरान आने वाले लाखों जायरीन की बेहतर खिदमत और लंगर इंतज़ामात पर विस्तार से मंथन किया गया।
लंगर में साफ़-सफ़ाई और भाईचारे पर ख़ास ज़ोर
बैठक को ख़िताब करते हुए सलमान मियां ने कहा कि उर्स में आने वाले हर जायरीन के लिए बेहतर और मुकम्मल लंगर की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने तमाम लंगर कमेटियों से अपील की कि साफ़-सफ़ाई का ख़ास एहतिमाम किया जाए और इस बात का पूरा ख़याल रखा जाए कि किसी भी दूसरे समुदाय या आम राहगीर को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि “हमारे लंगर का मक़सद सिर्फ़ खाना तक़सीम करना नहीं,बल्कि इंसानियत, मोहब्बत, अमन और गंगा-जमुनी तहज़ीब का पैग़ाम देना है।”
ढककर बांटे जाएंगे खाने के पैकेट
जमाअत रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फ़रमान मियां ने बताया कि सभी लंगर कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंगर स्थलों पर कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और नियमित सफ़ाई सुनिश्चित की जाए। खाने के पैकेट पूरी तरह ढककर और साफ़-सुथरे तरीके से वितरित किए जाएंगे, ताकि धूल-मिट्टी से बचाव हो सके। उन्होंने कहा कि लंगर सामग्री लाने वाले वाहनों की रफ़्तार नियंत्रित रहेगी और प्रत्येक वाहन पर उर्स का अधिकृत पास अनिवार्य होगा। साथ ही लंगर स्थलों पर वालंटियर हर समय मौजूद रहेंगे, जिससे जायरीन को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
तीन दिन 24 घंटे मिलेगी खिदमत
जमाअत रज़ा के प्रवक्ता समरान ख़ान ने बताया कि गर्मी को देखते हुए जायरीन के लिए ठंडा पानी, शरबत, शिकंजी, चाय और खाने की व्यवस्था उर्स के तीनों दिन 24 घंटे जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जिले भर की लंगर कमेटियों ने हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीन की बढ़-चढ़कर खिदमत करने का अहद किया है।
जिले भर की लंगर कमेटियां शामिल
बैठक में मथुरापुर, मुरादाबाद, लटूरी, तिलियापुर, सनेया रानी, जौहरपुर, उड़लाजागीर, आंवला, अलीगंज, अटरिया, बिधौलिया, शेरगढ़, लोधीपुर, बीसलपुर, बिबियाकरमपुर चौधरी, केशोपुर, फ़रीदापुर चौधरी, गोविंदपुर समेत अनेक लंगर कमेटियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।।इसके अलावा उर्स कोर कमेटी के डॉ. मेंहदी हसन, हाफ़िज़ इकराम रज़ा ख़ाँ, समरान ख़ान, मोईन ख़ान, शमीम अहमद, कौसर अली, यासीन ख़ान, अब्दुल्लाह रज़ा ख़ाँ, शाइबउद्दीन रज़वी, बख़्तियार ख़ाँ, दानिश रज़ा, नावेद अजहरी, रेहान ख़ान, ग़ुलाम हुसैन, आमिल रज़वी, रहबर ख़ान सहित बड़ी संख्या में ज़िम्मेदारान मौजूद रहे। उर्स इंतज़ामिया का कहना है कि इस बार भी लाखों जायरीन की सहूलियत, बेहतर इंतज़ामात, साफ़-सफ़ाई और अमन-ओ-अमान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि उर्स-ए-रज़वी पूरी अकीदत, इंतिज़ाम और भाईचारे के माहौल में संपन्न हो सके।
