Supreme Court News: नीट-यूजी सुधारों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और एनटीए से मांगा विस्तृत हलफनामा
पेपर लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, सोमवार को होगी अगली सुनवाई
नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा और परीक्षा व्यवस्था को स्थायी एवं संस्थागत रूप देना होगा।
सुधारों पर मांगी विस्तृत जानकारी
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार बताए कि परीक्षा सुधारों को स्थायी रूप से लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने प्रस्तावित संचालन बोर्ड, विशेषज्ञ समितियों, प्रशासनिक सुधारों और उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों पर हुई प्रगति का भी ब्यौरा मांगा है।
डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल ढांचे, डेटा सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की छपाई और सुरक्षित वितरण प्रणाली, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा मानव संसाधन सुधारों पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुरक्षा और सतर्कता के लिए नियुक्त अतिरिक्त महानिदेशकों की भूमिका और उनकी प्रगति की जानकारी भी मांगी गई है।
हर चरण की स्थिति रिपोर्ट मांगी
पीठ ने परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद की पूरी प्रक्रिया में किए जा रहे सुधारों की स्थिति रिपोर्ट भी तलब की है। अदालत ने पूछा कि राज्य और जिला स्तर पर परीक्षा प्रबंधन, बहु-चरणीय परीक्षा प्रणाली, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर क्या प्रगति हुई है।
वायुसेना की मदद स्थायी समाधान नहीं
सुनवाई के दौरान जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा ने कहा कि पेपर लीक के बाद प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेना केवल अस्थायी व्यवस्था थी। इसे स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत और विश्वसनीय बनाने के लिए संस्थागत सुधार आवश्यक हैं।
सोमवार को होगी अगली सुनवाई
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार जल्द नया हलफनामा दाखिल करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पूरे मामले की लगातार निगरानी करेगा ताकि परीक्षा प्रणाली में किए जा रहे सुधार स्थायी रूप से लागू हो सकें। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की गई है।
