प्रधानमंत्री आवास घेराव की निंदा, बोले- छात्रों के आंदोलन में गुंडे घुस गए थे, कांग्रेस, सपा और AAP पर लगाया छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप
बरेली : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को बरेली दौरे के दौरान दिल्ली में छात्रों के आंदोलन और प्रधानमंत्री आवास के घेराव को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों के प्रदर्शन की आड़ में खुराफात किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि छात्रों के आंदोलन में गुंडे या माफिया घुसकर पुलिस पर हमला करेंगे, तो उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के घेराव की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी पर छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनावी मोर्चे पर लगातार असफल हो रहा है। इसलिए ऐसे मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
कलेक्ट्रेट में हाईलेवल समीक्षा, 37 योजनाओं की प्रगति पर मांगी रिपोर्ट

प्रेसवार्ता से पहले उपमुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम, एसएसपी समेत सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों, राजस्व मामलों और शासन की प्राथमिकता वाली 37 जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।अधिकारियों से योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, बजट व्यय, लक्ष्य पूर्ति और लाभार्थियों की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी गई। समीक्षा के दौरान समयसीमा के बावजूद अधूरी परियोजनाओं पर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान से जल जीवन मिशन तक योजनाओं पर फोकस

बैठक में आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित 37 प्रमुख योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।उपमुख्यमंत्री ने जनवरी 2026 से अब तक उनके कार्यालय में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की। विभागवार लंबित शिकायतों, उनके समाधान की गुणवत्ता और कार्रवाई की स्थिति पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया।
लापरवाही पर सख्ती के संकेत
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिन विभागों का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया जाएगा या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए और जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा बैठक के बाद केशव प्रसाद मौर्य शहर विधानसभा के मिनी बाईपास के एक शादी हॉल में आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में भी शामिल हुए और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की।
डिप्टी सीएम के दौरे के बीच कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन

उधर, उपमुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर महानगर कांग्रेस कमेटी ने किसानों की खाद की समस्या और स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश दादा और प्रदेश प्रवक्ता राज शर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि खरीफ सीजन के दौरान किसान यूरिया और डीएपी खाद के लिए घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं, जबकि पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उनका कहना था कि इससे धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों पर भी सरकार घिरी
कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली बिलों में बढ़ोतरी का आरोप लगाते हुए कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। प्रदेश प्रवक्ता राज शर्मा ने कहा कि किसानों और आम जनता की समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता, जबकि पूर्व विधायक छोटेलाल गंगवार ने समय पर खाद उपलब्ध कराने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आमने-सामने दिखे सत्ता और विपक्ष
एक ओर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य प्रशासनिक बैठकों के जरिए विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विपक्ष पर हमलावर नजर आए, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने किसानों और बिजली उपभोक्ताओं के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ऐसे में बरेली का यह दौरा प्रशासनिक समीक्षा के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चाओं में रहा।
