जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब राष्ट्रीय बहस का केंद्र,संसद में तीसरे दिन भी हंगामा, विपक्ष ने सरकार को घेरा सरकार-CJP वार्ता बेनतीजा, दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी
सोनम वांगचुक मेदांता में भर्ती, केंद्रीय मंत्रियों ने की मुलाकात दिल्ली हाई अलर्ट पर, कई मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद पुलिस ने 10 एफआईआर दर्ज कीं, आंदोलनकारी बोले- मुकदमे वापस हों
नई दिल्ली : NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा CJP का आंदोलन अब राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है। जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब संसद, कई राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक बहस के केंद्र में पहुंच चुका है। संसद के मानसून सत्र में लगातार तीसरे दिन भी इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला, जबकि राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है।
दूसरे चरण में आंदोलन, मांगें पूरी होने तक पीछे हटने से इनकार
CJP ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन का दूसरा चरण जारी रहेगा और जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए जाते तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। बुधवार को भी जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और समर्थक जुटे रहे। देश के कई राज्यों में भी समर्थन प्रदर्शन आयोजित किए गए।
सरकार और CJP के बीच वार्ता बेनतीजा, दूसरे दौर की तैयारी
आंदोलन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में सरकार और CJP प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई पहली बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। हालांकि दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी रखने पर सहमति बनी और अब दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी की जा रही है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, नितिन नवीन सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार बैठक में आंदोलन, संसद की रणनीति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई।
सोनम वांगचुक से मिले केंद्रीय मंत्री
अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य का हाल जाना और शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि बैठक के बाद किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं की गई।
दिल्ली हाई अलर्ट पर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आंदोलन को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बैरिकेडिंग की है, जबकि CRPF की अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात की गई हैं। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट और जोर बाग समेत कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
पुलिस ने 10 एफआईआर दर्ज कीं, आंदोलनकारियों ने उठाई जांच की मांग
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं।पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई है। वहीं आंदोलनकारी सभी मुकदमे वापस लेने, पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।
संसद में तीसरे दिन भी हंगामा, विपक्ष का सरकार पर हमला
मानसून सत्र के तीसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में NEET विवाद को लेकर भारी हंगामा हुआ। विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने की मांग की, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। लोकसभा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में समाजवादी पार्टी को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ हुई कथित अभद्रता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि “बच्चियों के कपड़े फाड़ने की इजाजत किसने दी?”लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के साथ बैठक की। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आम आदमी पार्टी समेत कई दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें

विपक्ष ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों की वापसी। पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच तथा शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा।
सरकार का जवाब
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन संसदीय नियमों के तहत ही बहस होगी। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने भी दावा किया कि सरकार ने बातचीत का अवसर दिया, लेकिन आंदोलनकारियों की ओर से अलग नैरेटिव पेश किया गया।
देशभर से आंदोलन को समर्थन

महाराष्ट्र से सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल आंदोलन स्थल पहुंचे। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। मिजोरम की राजधानी आइजोल सहित कई शहरों में समर्थन रैलियां निकाली गईं, जबकि पटना में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आईं।
न्यायालय में भी पहुंचा मामला

दिल्ली हाईकोर्ट में सोनम वांगचुक के अनशन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई के मामले में तत्काल हस्तक्षेप से इनकार करते हुए नियमित कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात कही।
फिलहाल समाधान की तलाश जारी
फिलहाल CJP का आंदोलन जारी है। सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष संसद के भीतर और बाहर सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए है। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और अब देशभर की निगाहें सरकार तथा आंदोलनकारियों के बीच होने वाली अगली वार्ता और संसद की आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था दोनों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
