छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे सपा प्रमुख, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज,डिंपल यादव बोलीं- ‘सिस्टम बीमार पड़ गया’
नई दिल्ली/लखनऊ : NEET पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया। संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस प्रदर्शन में शामिल थे। हिरासत में लिए जाने के दौरान उनका एक वीडियो सामने आया। इसमें वह पुलिसकर्मियों से पूछते नजर आए, “कहां ले जा रहे हो पुलिस भाई?” यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
अखिलेश बोले- छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला

संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छात्रों और युवाओं पर अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका आरोप था कि सरकार रोजगार देने में विफल रही है और लगातार पेपर लीक होने के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही से बच रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
डिंपल यादव ने भी छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
सपा सांसद डिंपल यादव ने भी छात्रों के समर्थन में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी बात सरकार तक पहुंचाने आए थे, लेकिन उनके साथ बल प्रयोग किया गया। उनका आरोप था कि छात्रों और छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि छात्र संसद भवन तक इसलिए पहुंचे थे, ताकि सरकार को बता सकें कि व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है। डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ और छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। यह बयान उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
सपा का सोशल मीडिया अभियान तेज

इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर कई संदेश और नारे जारी किए। पार्टी ने “छात्रों के समर्थन में समाजवादी हुंकार, नहीं चलेगी ये युवा विरोधी सरकार”, “लोकतंत्र की है हत्यारी, भाजपा सरकार अत्याचारी” और “जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़, तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद?” जैसे संदेश साझा कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास की ओर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। इसमें समाजवादी पार्टी सहित विपक्ष के कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस वाहन से दूसरे स्थान पर ले जाया गया।
युवाओं और रोजगार को बनाया मुख्य मुद्दा
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि मध्यम वर्ग और युवाओं की सबसे बड़ी चिंता रोजगार और निष्पक्ष भर्ती है। उनका आरोप था कि परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।
