जब देश का भविष्य दांव पर हो, तब इंक़लाब आता है’… कविता के जरिए सपा प्रमुख का सियासी संदेश, NEET, पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर केंद्र पर हमला
संसद से जंतर-मंतर तक सपा का प्रदर्शन, डिंपल यादव समेत सांसदों को हिरासत में लेने का आरोप, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने NEET परीक्षा, पेपर लीक, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और जौहर यूनिवर्सिटी समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अहंकार में काम कर रही है और उसका रवैया विदेशी लुटेरों जैसा हो गया है। उन्होंने कहा कि जैसे विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों और विश्वविद्यालयों को नुकसान पहुंचाया था, वैसे ही आज भाजपा सरकार भी संस्थानों और आंदोलनों को निशाना बना रही है।
पेपर लीक, लाठीचार्ज और बेरोजगारी पर गरजे, बोले- युवाओं का भविष्य दांव पर

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि NEET परीक्षा में भारी गड़बड़ियां हुईं, पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और कई छात्रों की मौत के बावजूद सरकार ने संवेदना तक व्यक्त नहीं की। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार छात्रों की बात सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित कर रही है और प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज कराया गया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान 20 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन किसी दोषी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सरकारी नौकरियां देने से बच रही है और आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। इसके साथ ही अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का उल्लेख करते हुए सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
डिंपल यादव समेत सपा सांसदों को हिरासत में लिया

उधर, समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET छात्रों के समर्थन में पहुंचीं सांसद डिंपल यादव और अन्य सपा सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी के अनुसार, इससे पहले सांसदों ने संसद परिसर में “पेपर लीक” और “NEET है या CHEAT” लिखे पोस्टरों के साथ मार्च किया था। सपा ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और सांसदों को हिरासत में लिए जाने की निंदा करते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया। इसी मुद्दे को लेकर लखनऊ के हजरतगंज में भी समाजवादी पार्टी ने प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए मार्च निकाला और धरना दिया। सपा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की और कई नेताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डेन भेज दिया।
सोशल मीडिया पर कविता की साझा

इस बीच अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक कविता भी साझा की, जिसमें “इंक़लाब” का उल्लेख करते हुए अन्याय, सत्ता के अहंकार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। कविता को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
