सोनम वांगचुक का किया समर्थन, सपा प्रमुख बोले -धर्म-धन’ चुराने वाले पुजारी का सम्मान क्या करेंगे, नोट छपाई के टेंडर पर भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लगातार कई पोस्ट कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नोटों की छपाई से जुड़े टेंडर, अयोध्या से जुड़े विवाद और टीवी डिबेट में पुजारी के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही सोनम वांगचुक के मुद्दे पर कवि उदय प्रताप सिंह के बयान वाला वीडियो साझा करते हुए भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
सोनम वांगचुक के समर्थन में साझा किया वीडियो
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कवि उदय प्रताप सिंह का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “जीवन रेखा, राष्ट्र की होती, सह अस्तित्व, लेकिन इसे न मानते कुछ बौने व्यक्तित्व।” इस पोस्ट को सोनम वांगचुक के आंदोलन के संदर्भ में देखा जा रहा है।हालांकि अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में किसी व्यक्ति या संस्था का नाम लेकर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की।
‘नोटों का भी प्राइवेटाइजेशन हो जाएगा क्या?’
एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने नोटों की छपाई से जुड़े टेंडर को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि भ्रष्ट भाजपा राज में अब नोटों का भी प्राइवेटाइजेशन हो जाएगा क्या? उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशनखोरी का मॉडल इस स्तर तक पहुंच गया है कि देश की मुद्रा जैसे संवेदनशील कार्यों में भी निजीकरण की आशंका पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि जब देश की मुद्रा ही आत्मनिर्भर नहीं होगी तो अर्थव्यवस्था और देश आत्मनिर्भर कैसे होगा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि इतने बड़े और संवेदनशील कार्य के लिए छोटा टेंडर निकालने के पीछे कहीं केवल औपचारिकता पूरी करने या पहले से तय व्यवस्था को वैध ठहराने की कोशिश तो नहीं की जा रही। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मुनाफाखोरों की भागीदार बन गई है।
टीवी डिबेट की घटना पर बोले- धर्म-धन’ चुराने वाले पुजारी का सम्मान क्या करेंगे
टीवी डिबेट के दौरान एक पुजारी के साथ चप्पलों से मारपीट की घटना पर भी अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने भगवान के ख़जाने में हाथ डालकर ‘धर्म-धन’ चुराने तक का दुस्साहस कर लिया, वो किसी पुजारी और इंसान का मान क्या करेंगे। बेहद निंदनीय!” उन्होंने इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा, “जो भाजपा का साथी, वो रामघाती!”
