बदायूं के बिसौली में पति ने प्रेम संबंध के शक में पत्नी की हत्या कर शव सोकपिट में छिपाया, तीन दिन बाद श्मशान में जलाया; तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली थाना क्षेत्र में 42 दिन से लापता महिला सत्यवती की गुमशुदगी का मामला आखिरकार सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि महिला की हत्या उसके पति ने प्रेम संबंध के शक में की थी। हत्या के बाद शव को पहले घर के आंगन में बने सोकपिट (लैट्रिन टैंक) में छिपाया गया और तीन दिन बाद श्मशान घाट में ले जाकर जला दिया गया। पुलिस ने पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं।
गला दबाकर हत्या, फिर सोकपिट में छिपाया शव
पुलिस के अनुसार, गांव सर्वा निवासी जय सिंह यादव ने अपने भाई चंद्रपाल और भांजे विजय यादव उर्फ छोटू के साथ मिलकर एक-दो जून की रात पत्नी सत्यवती (40) की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को घर के आंगन में बने सोकपिट में छिपा दिया गया ताकि किसी को घटना की भनक न लगे।
तीन दिन बाद श्मशान में जलाया शव
पुलिस जांच में सामने आया कि तीन दिन बाद जय सिंह ने अपने साथियों रामभान यादव, चंदेल और बहनोई सर्वेश यादव की मदद से शव को सोकपिट से निकाला और बाइक से श्मशान घाट ले जाकर जला दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो बाइक, गमछा, फावड़ा, तसला, बाल्टी, मोबाइल फोन, टूटी चूड़ियां, पायल, अधजली लकड़ियां और शव के अवशेष सहित कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं।
बदलते बयानों से खुला हत्या का राज
महिला के पिता राजवीर सिंह यादव ने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पति जय सिंह के बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे पुलिस को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी वारदात कबूल कर ली।
हत्या के बाद जेठ ने कर ली आत्महत्या
पुलिस के मुताबिक, महिला की हत्या में शामिल बड़े भाई चंद्रपाल ने घटना के बाद आत्मग्लानि में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। महिला के लापता होने और उसी दिन जेठ की आत्महत्या ने पुलिस जांच को और संदिग्ध बना दिया था।
प्रेम संबंध के शक में रची गई साजिश
ग्रामीणों के अनुसार, सत्यवती के चाल-चलन को लेकर पति जय सिंह अक्सर विवाद करता था। पुलिस का मानना है कि इसी शक के चलते उसने पत्नी की हत्या की साजिश रची। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
इस हत्याकांड ने तीन मासूम बच्चों की दुनिया उजाड़ दी। बड़ी बेटी साक्षी और दो छोटे बेटे प्रशांत व निशांत अब अपनी दादी विद्यावती के सहारे हैं। बच्चों को अब तक यह भी नहीं पता कि उनकी मां इस दुनिया में नहीं रही। गांव में इस घटना के बाद शोक और आक्रोश का माहौल है।
दो आरोपी अब भी फरार
सीओ बिसौली अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में साक्ष्य मिटाने की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। फरार आरोपी सर्वेश यादव और विजय यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
