लखनऊ : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बड़ा राजनीतिक और धार्मिक मुद्दा खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस मामले को करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा बताते हुए कहा है कि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ियों ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। पार्टी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराने, मौजूदा ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और मंदिर की जिम्मेदारी चारों पीठों के शंकराचार्यों व सम्मानित महंतों को सौंपने की मांग की है।
आस्था से जुड़ा मामला, कांग्रेस ने बताया बेहद गंभीर
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। ऐसे में मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं जैसे आरोप बेहद गंभीर हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि आस्था के केंद्रों में ही पारदर्शिता पर सवाल उठेंगे, तो इससे जनता का भरोसा कमजोर होगा। पार्टी ने इस पूरे मामले को केवल प्रशासनिक या वित्तीय गड़बड़ी नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय बताया है।
हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग
कांग्रेस ने इस पूरे मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि जब मामला सीधे तौर पर रामभक्तों की आस्था और मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा है, तब जांच भी ऐसी संस्था या व्यक्ति से होनी चाहिए जिस पर जनता को पूरा भरोसा हो। इसके साथ ही कांग्रेस ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की है। पार्टी का मानना है कि यदि वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे की चोरी के आरोप सामने आए हैं, तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी है और मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था पर भी पुनर्विचार होना चाहिए।
शंकराचार्यों और महंतों को जिम्मेदारी सौंपने की मांग
कांग्रेस ने कहा है कि श्रीराम मंदिर की व्यवस्था और जिम्मेदारी चारों पीठों के परमपूज्य शंकराचार्यों तथा मंदिर से जुड़े सम्मानित महंतों को सौंपी जानी चाहिए। पार्टी का तर्क है कि धार्मिक संस्थाओं के संचालन में ऐसे लोगों की भूमिका अधिक विश्वसनीय मानी जाती है, जिनकी पहचान धार्मिक परंपरा, मर्यादा और आध्यात्मिक नेतृत्व से जुड़ी हो। कांग्रेस का कहना है कि इससे मंदिर की गरिमा भी बनी रहेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होगा।
7 जुलाई को पूरे प्रदेश में निकलेगी ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’
इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशभर में आंदोलन का ऐलान भी किया है। पार्टी ने अपनी सभी जिला और शहर इकाइयों को परिपत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि 7 जुलाई को प्रदेश के सभी जनपदों में जिला और शहर कांग्रेस कमेटियों के संयुक्त तत्वावधान में ‘चढ़ावा चोरों से मुक्ति’ के लिए ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ निकाली जाए। कांग्रेस के अनुसार इस पदयात्रा का समापन किसी धार्मिक स्थल पर किया जाएगा। पार्टी इसे जनभावनाओं से जुड़ा अभियान बता रही है, जिसके जरिए मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। कांग्रेस की यह मांग और प्रदेशव्यापी पदयात्रा का ऐलान ऐसे समय में सामने आया है, जब राम मंदिर देश की सबसे बड़ी धार्मिक और भावनात्मक आस्था का केंद्र बना हुआ है। ऐसे में इस मुद्दे पर सियासत भी तेज होने के आसार हैं और आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक रूप से और गर्मा सकता है।
