बरेली: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दौरान शहर के साहू गोपीनाथ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने परीक्षा व्यवस्था और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बायोमैट्रिक जांच में एक अभ्यर्थी की पहचान संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाले खुलासे होने लगे। शुरुआती जांच में सामने आया कि युवक ने कथित तौर पर दो अलग-अलग नामों और कई जन्मतिथियों के सहारे परीक्षा देने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उम्र सीमा पार होने के बाद उसने नाम और जन्मतिथि बदलवाकर दोबारा पात्र बनने की कोशिश की, जिससे पूरा मामला फर्जीवाड़े की आशंका में बदल गया।
बायोमैट्रिक जांच में फंसा अभ्यर्थी, पहचान पर खड़े हुए सवाल
जानकारी के मुताबिक बरेली के साहू गोपीनाथ कॉलेज में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा चल रही थी। परीक्षा के दौरान जब अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन किया जा रहा था, तभी एक युवक की पहचान को लेकर संदेह पैदा हुआ। प्रारंभिक मिलान में उसके दस्तावेजों और पहचान संबंधी विवरण में विसंगतियां नजर आईं। इसके बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और अभ्यर्थी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आने लगे।
एडीएम सिटी ने क्या बताया?
एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि 3 जुलाई को टीईटी परीक्षा की दूसरी पाली के दौरान मनोज कुमार नाम से परीक्षा दे रहे एक अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी सामने आई। अभिलेखों में उसकी जन्मतिथि 1986 दर्ज थी, जबकि बायोमेट्रिक सत्यापन में प्रदर्शित आधार कार्ड पर नाम आदेश कुमार और जन्मतिथि 1996 मिली। पूछताछ में सामने आया कि अभ्यर्थी का वास्तविक नाम मनोज कुमार है, लेकिन उम्र अधिक होने पर उसने आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि बदलकर आदेश कुमार नाम से कई परीक्षाएं दीं। एडीएम सिटी के मुताबिक एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग पहचान और जन्मतिथियों का इस्तेमाल कर परीक्षाओं में शामिल हो रहा था, जिससे अन्य अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो रहे थे।
ओवरएज होने पर बदला नाम, फिर बदली जन्मतिथि
जांच में सामने आया कि युवक मूल रूप से फर्रुखाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोप है कि वह पहले आदेश कुमार नाम से परीक्षाएं देता था, लेकिन इसी नाम और उम्र के आधार पर वह कई भर्तियों और परीक्षाओं के लिए ओवरएज हो चुका था। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपना नाम और जन्मतिथि बदलकर दोबारा परीक्षा देने का रास्ता तैयार किया। अधिकारियों को शक है कि यह पूरा बदलाव सिर्फ परीक्षा में बैठने की पात्रता हासिल करने के लिए किया गया।
आधार में नाम और जन्मतिथि में बदलाव, अब दूसरी परीक्षाओं की भी जांच
मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, फर्जीवाड़े की आशंका और गहरी होती चली गई। जांच में यह भी सामने आया कि अभ्यर्थी ने आधार कार्ड में कथित तौर पर नाम और जन्मतिथि में कई बार बदलाव कराया। मनोज कुमार नाम से बीएड की डिग्री हासिल किए जाने की बात सामने आई है, जबकि आदेश कुमार नाम से अन्य दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी भी मिली है। एडीएम सिटी ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अब पुलिस पूरे दस्तावेजी फर्जीवाड़े की जांच के साथ यह भी खंगाल रही है कि कहीं आरोपी ने इसी तरह अलग-अलग नाम और दस्तावेजों के सहारे दूसरी सरकारी परीक्षाएं भी तो नहीं दीं। फिलहाल थाना कोतवाली में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
