बरेली : यूपी की बरेली पुलिस ने इस बार मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हाईटेक तकनीक का सहारा लिया। पहली बार पुलिसकर्मियों की लाठियों और पुलिस वाहनों पर वाई-फाई से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।जिनकी मदद से जुलूसों की पल-पल निगरानी की गई। पुलिस का दावा है कि इस नई व्यवस्था का सकारात्मक असर देखने को मिला और जिले में अधिकांश स्थानों पर मुहर्रम के जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
लाठियों पर लगाए गए वाई-फाई कैमरे
बरेली पुलिस ने मीडिया को बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी थानों को पांच-पांच विशेष वाई-फाई सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध कराए गए थे। इन कैमरों को संवेदनशील इलाकों और बड़े जुलूसों में तैनात पुलिसकर्मियों की लंबी लाठियों पर बांधा गया। इसके अलावा पुलिस वाहनों पर भी कैमरे लगाए गए। इससे पूरे जुलूस की लाइव निगरानी की जा सके।
883 जुलूसों पर हाईटेक निगरानी
मुहर्रम के अवसर पर जिलेभर में कुल 883 ताजिया जुलूस निकाले गए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 18 क्विक रिस्पांस टीमें, 94 पीआरवी, 530 दरोगा, 760 हेड कांस्टेबल, 1500 आरक्षी, 200 होमगार्ड और तीन कंपनी पीएसी तैनात की गई। वहीं संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से लैस आठ विशेष टीमें लगातार निगरानी करती रहीं।
नवाबगंज में सबसे अधिक, कोतवाली में सबसे कम जुलूस
पुलिस के अनुसार जिले में सबसे अधिक 94 ताजिया जुलूस नवाबगंज क्षेत्र में निकाले गए, जबकि कोतवाली क्षेत्र में केवल चार जुलूस निकले। सभी जुलूसों की सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस और प्रशासन की विशेष नजर रही।
एसएसपी बोले- तकनीक से मिली बेहतर निगरानी
एसएसपी अनुराग आर्य ने एक मीडिया संस्थान को बताया कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस को जुलूसों की निगरानी में काफी मदद मिली। वाई-फाई कैमरों और ड्रोन के जरिए संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखी गई, जिससे किसी भी स्थिति पर तत्काल प्रतिक्रिया देना संभव हुआ। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बड़े आयोजनों में ऐसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जारी रखा जाएगा।
