बरेली: नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म से जुड़े करीब 8 साल पुराने मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी टिंकू को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए अभियान लगातार जारी है।
2018 में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया था आरोपी
यह मामला थाना कैंट क्षेत्र का है। वादी के अनुसार आरोपी टिंकू का उसकी चचेरी बहन के परिवार में आना-जाना था। 2 अप्रैल 2018 की शाम आरोपी कथित रूप से उसकी नाबालिग बहन को बहला -फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि इसके बाद उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। मामले में थाना कैंट में अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
5 गवाहों की गवाही के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 5 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी टिंकू को दोषी मानते हुए धारा 363 आईपीसी में 3 वर्ष का कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 366 आईपीसी में 5 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी कहा कि अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
