2027 को लेकर सपा प्रमुख का बड़ा संदेश, बोले- गठबंधन धर्म निभाना समाजवादी पार्टी जानती है
लखनऊ : सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि आने वाले चुनावों में समाजवादी पार्टी सहयोगी दलों के साथ गठबंधन जारी रखेगी और पार्टी का मूल मंत्र “सीटें नहीं, जीत” होगा। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गठबंधन राजनीति का समाजवादी पार्टी को लंबा अनुभव है, और पार्टी ने हमेशा अपने सहयोगियों का सम्मान किया है।उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव की तरह आगे भी सीटों की संख्या नहीं, बल्कि जीत सबसे बड़ा मुद्दा होगा। अखिलेश यादव ने कहा, “हमने कई गठबंधन किए हैं। हमने कभी अपने सहयोगियों को धोखा नहीं दिया। आज जो गठबंधन है, वह आगे भी जारी रहेगा।”

भाजपा पर महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर हमला
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज देश और प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक सबसे बड़े मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगी है। अखिलेश यादव ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “नीट परीक्षा को अब लीक परीक्षा कहा जाना चाहिए।”
पीडीए की एकता से भाजपा घबराई
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकता से घबराई हुई है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में पीडीए ने भाजपा को हराया और 2027 विधानसभा चुनाव में भी यही एकता भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी। उन्होंने कहा, “जहां भाजपा खत्म होती है, वहीं से पीडीए शुरू होता है। भाजपा ने पीडीए के सम्मान और अधिकार छीनने का काम किया है।”
कार्यकर्ताओं को भाषा और व्यवहार पर नसीहत
सपा प्रमुख ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संयमित भाषा इस्तेमाल करने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसी बात न कही जाए, जिससे किसी व्यक्ति या समाज की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कार्यकर्ताओं से धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि 2027 की लड़ाई विचारों और जनता के मुद्दों पर लड़ी जाएगी।
यूपी सरकार पर विकास और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर विकास कार्यों में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में एक्सप्रेस-वे, कैंसर संस्थान, डायल 100, एचसीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसे बड़े काम हुए, जबकि मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार और प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने दावा किया कि NCRB के आंकड़ों के अनुसार यूपी में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं और भाजपा सरकार कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम रही है।
स्मार्ट मीटर से लेकर सड़क निर्माण तक भ्रष्टाचार के आरोप
एसपी चीफ ने स्मार्ट मीटर योजना, ग्रीन कॉरिडोर और सड़क निर्माण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार जनता से पैसा लेकर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के कुछ समय बाद ही टूट गया, जो भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है।
2027 चुनाव पर फोकस
अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि जनता भाजपा की नीतियों से परेशान है और 2027 में बदलाव चाहती है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है और आने वाले चुनाव में इसका लाभ मिलेगा।
बलात्कार आरोपी के स्वागत पर भाजपा घिरी, सपा ने साधा निशाना
जमानत पर रिहा हुए एक बलात्कार आरोपी पदाधिकारी के स्वागत को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा और उससे जुड़े संगठनों पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आरोपी का पुष्प वर्षा और माल्यार्पण से स्वागत किया जाना बेहद निंदनीय है। अखिलेश यादव की पार्टी की ओर से कहा गया कि महिला सम्मान की बात करने वाले लोग ही आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं। सपा ने इसे भाजपा और उसके आनुषंगिक संगठनों का “वास्तविक चरित्र” बताते हुए कड़ी आलोचना की।

स्नेह से जो बांटें मन से, वही सच्चा प्रेम-प्रसाद : अखिलेश यादव
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने बड़े मंगल के अवसर पर लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक कार्यक्रम में पहुंचकर हनुमान जी की पूजा -अर्चना की और भंडारे में सेवा की। इस दौरान उन्होंने हनुमान जी की आरती उतारी और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “स्नेह से जो बांटें मन से, वही सच्चा प्रेम-प्रसाद है” और “सब पर हनुमत कृपा बनी रहे। वह गोमती नगर विशेष खंड स्थित डॉ. सुब्रत चंद्रा के आवास पर आयोजित बड़े मंगल कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
