नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर मचा विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा। कथित पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। लाखों छात्र सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं अब इस मुद्दे ने पूरी तरह राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तीखा बयान दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ एक पेपर लीक नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शिक्षा संस्थानों और परीक्षा एजेंसियों में अयोग्य लोगों की नियुक्तियां की हैं, जिसकी वजह से आज देश की परीक्षा प्रणाली सवालों के घेरे में है।
राहुल गांधी ने कहा कि जब योग्यता की जगह विचारधारा और निष्ठा के आधार पर नियुक्तियां होंगी, तो संस्थाएं कमजोर होंगी ही। उन्होंने दावा किया कि एनटीए जैसी महत्वपूर्ण एजेंसी का फेल होना इसी व्यवस्था का नतीजा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान उन लाखों मेहनती छात्रों का हुआ है, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत कर डॉक्टर बनने का सपना देखा था।
इस बीच नीट विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। मामले में दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई जारी है। अदालत के आदेश के बाद ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों की परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है, लेकिन असली विवाद कथित पेपर लीक को लेकर बना हुआ है। दूसरी ओर जांच एजेंसियां और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही हैं। देश के कई राज्यों में पेपर लीक गिरोह से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जांच में यह संकेत मिले हैं कि परीक्षा प्रणाली में संगठित तरीके से सेंधमारी की गई थी।
अब सवाल सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य का है। करोड़ों परिवार इस उम्मीद में हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।
