बरेली : यूपी के बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय इन दिनों भीषण बिजली संकट से जूझ रहा है। आरोप है कि बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा बीसलपुर रोड पर केबल ट्रेंच निर्माण के लिए की जा रही खोदाई के दौरान विश्वविद्यालय की 11 केवी भूमिगत फीडर लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है।जिससे पूरे परिसर में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह इंडिपेंडेंट फीडर लाइन हरूनगला पावर स्टेशन से सीधे विश्वविद्यालय परिसर तक आती है, और इसे परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए निजी संसाधनों से डलवाया गया था। लेकिन 11 और 12 मई को बीडीए की मशीनों द्वारा भूमिगत केबल कट जाने से विश्वविद्यालय लगातार अंधेरे में डूबा रहा।
परीक्षा के दौरान अंधेरे में डूबा रुहेलखंड विश्वविद्यालय
यह स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि 11 मई को करीब 10 घंटे और 12 मई को लगातार 20 घंटे तक बिजली गुल रही। इस दौरान विश्वविद्यालय में मुख्य परीक्षाएं चल रही थीं, जिससे छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। वहीं नौ छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को भीषण गर्मी के बीच पेयजल और बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
स्टूडेंट ने घेरा था कुलपति आवास
बिजली संकट से नाराज छात्रों ने 12 मई की रात कुलपति आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि एक तरफ परीक्षाएं जारी हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली कटौती के कारण पढ़ाई और प्रयोगशालाओं का काम ठप हो गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मई और जून में परीक्षाओं को देखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
कुलपति ने दिया सुझाव
इसके साथ ही सुझाव दिया है कि भविष्य में समस्या से बचने के लिए भूमिगत फीडर लाइन को बीडीए द्वारा बनाए जा रहे केबल ट्रेंच में शिफ्ट किया जाए, ताकि बार-बार केबल क्षतिग्रस्त न हो। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र दोनों ही बीडीए की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि छात्रों का कहना है कि लापरवाही का खामियाजा उनकी पढ़ाई और भविष्य को भुगतना पड़ रहा है।
