नई दिल्ली : दिल्ली की एक और दर्दनाक सुबह ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में देर रात एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 3 बजकर 47 मिनट पर दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आग इतनी भीषण थी कि उसने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरा इलाका अफरा-तफरी में बदल गया। दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान करीब 15 से 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें कुछ लोग झुलसे हुए थे, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। एक व्यक्ति करीब 30 प्रतिशत तक झुलस गया है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
फायर ऑफिसर मुकेश वर्मा ने बताया कि दमकल कर्मियों को आग बुझाने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाना पड़ा। उन्होंने कहा कि “हमें जैसे ही सूचना मिली, हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। हमने आग पर काबू पाने के लिए पांच सीढ़ियों, कटिंग टूल्स और टर्नटेबल लैडर का इस्तेमाल किया। इमारत में चार मंजिलें हैं और हर मंजिल पर बड़े फ्लैट हैं, जिससे आग तेजी से फैल गई।”
उन्होंने आगे बताया कि आग का मुख्य असर इमारत के पिछले हिस्से में ज्यादा था, जहां से सबसे अधिक शव बरामद किए गए। दमकल कर्मियों को खिड़कियों पर लगी लोहे की ग्रिल और सलाखों की वजह से लोगों को बाहर निकालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई लोगों के पास बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं बचा। इस दर्दनाक हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। सभी शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पहचान की प्रक्रिया जारी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम भी मौके पर पहुंच गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय नगर पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि दूसरी मंजिल के पिछले हिस्से में पांच शव मिले हैं, जबकि एक और शव उसी हिस्से में मिला। इसके अलावा तीन शव सबसे ऊपरी मंजिल पर पाए गए। उन्होंने कहा कि “शवों की हालत इतनी खराब है कि उनकी पहचान करना फिलहाल नामुमकिन है।”
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। आसपास के लोग पूरी रात जागते रहे और राहत कार्य में सहयोग करते नजर आए। मौके पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीम भी मौजूद रही, जिन्होंने पूरे इलाके को घेरकर राहत कार्य को सुचारू रूप से चलाया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस और फायर विभाग हर एंगल से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आएगी। यह हादसा एक बार फिर रिहायशी इमारतों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संकरी गलियां, इमरजेंसी एग्जिट का अभाव और खिड़कियों पर लगी ग्रिल जैसी व्यवस्थाएं अक्सर ऐसे हादसों में जानलेवा साबित होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन इस हादसे ने कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, पूरे मामले की गहन जांच जारी है, ताकि इस त्रासदी के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
