सपा प्रमुख बोले -हरदोई कांड की हो CBI जांच, नोएडा मजदूरों का किया समर्थन,मुकदमें वापस लेने की कही बात…
लखनऊ : बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सामाजिक एकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में लुम्बिनी, सारनाथ और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों के विकास के संकल्प को दोहराया गया, लेकिन राजनीतिक बयानों ने ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘गिरगिट’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा “असली गिरगिट तो मुख्यमंत्री खुद हैं, जो हालात के हिसाब से बयान बदलते रहते हैं।”उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा “नारी वंदन” जैसे संवेदनशील मुद्दों को नारे में बदलकर जनता का ध्यान असली समस्याओं से हटाने की कोशिश कर रही है।
हरदोई कांड की हो CBI जांच
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने हरदोई में हुई घटना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने का मौका मिला और उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक है। अखिलेश यादव ने मामले की CBI जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे निष्पक्ष जांच संभव हो सकेगी और सच्चाई सामने आएगी। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी बात कही,ताकि उन्हें इस कठिन समय में राहत मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहि
मजदूरों के लिए बड़ा वादा-अखिलेश बोले, कानून, स्वास्थ्य और वेतन पर होगा फोकस
उन्होंने मजदूरों के अधिकारों को लेकर बड़ा बयान दिया है। बोले – भविष्य में श्रमिकों की कानूनी सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य सुविधाओं और वेतन (वेजेस) को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि श्रमिकों के लिए बेहतर नीतियां बनाकर उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा।
नोएडा मजदूरों के समर्थन में अखिलेश
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने नोएडा के मजदूरों से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि नोएडा के मजदूरों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए, ताकि श्रमिकों को राहत मिल सके। अखिलेश यादव ने इसे मजदूरों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और श्रमिकों के हित में फैसला लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके साथ न्याय होना जरूरी है।
क्या महिला आरक्षण सिर्फ चुनावी नारा?
महिला आरक्षण बिल को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि यह सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। बसपा प्रमुख द्वारा महिला विशेष सत्र के समर्थन पर।उन्होंने टिप्पणी की “संभव है। उन्होंने बिल ठीक से न पढ़ा हो या उन्हें गलत जानकारी दी गई हो।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें संविधान को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने ‘बुलडोजर नीति’ पर सवाल उठाते हुए हरदोई और वाराणसी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके अलावा स्मार्ट मीटर योजना, गेहूं खरीद में देरी और श्रम कानूनों में बदलाव को लेकर भी सरकार को घेरा।
बुद्ध पूर्णिमा पर धार्मिक माहौल
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु शामिल हुए और “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। भिक्षुओं ने बौद्ध धर्म के उपदेश दिए और इस दौरान कुछ वक्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यों का उल्लेख करते हुए महिलाओं और ओबीसी के अधिकारों की बात उठाई। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा “7 रुपये कम करके किसपर एहसान किया जा रहा है?” विपक्ष का आरोप है कि हाल के समय में गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
लक्ष्य सिर्फ पैसा और वोट,अरावली बेचने की थी तैयारी
सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर पर्यावरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अरावली पर्वतमाला को बेचने की तैयारी में थे और उन्हें पर्यावरण, नदियों, जंगलों या धरती से कोई लगाव नहीं है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति का केंद्र केवल पैसा और वोट है, जबकि पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना बेहद जरूरी है और सरकार को इस दिशा में गंभीर और जिम्मेदार कदम उठाने चाहिए।
