नानक सागर बांध के विस्थापितों का डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन, 3 महीने में भुगतान न हुआ तो बड़ा आंदोलन
पीलीभीत : नानक सागर बांध से प्रभावित विस्थापित किसानों का लंबे समय से लंबित मुआवजा अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। बुधवार को दर्जनों किसान डीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ज्ञापन सौंपा। किसानों ने साफ कहा कि अगर जल्द मुआवजा नहीं मिला या जमीन आवंटित नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं
किसानों का कहना है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 16 जनवरी 2025 को याचिका संख्या 9893/2024 और 28559/2024 में उनके पक्ष में स्पष्ट आदेश दिए थे। इस आदेश की प्रमाणित प्रति 1 फरवरी 2025 को संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अवमानना याचिका के बाद भी टालमटोल का आरोप
प्रशासन की उदासीनता से नाराज किसानों ने दोबारा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस पर अदालत ने अवमानना वाद संख्या 2250/2026 की सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया आदेश की अवहेलना मानी और प्रशासन को अंतिम मौका देते हुए 3 महीने के भीतर आदेश का पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
किसानों का आरोप, अधिकारियों की लापरवाही
किसानों का आरोप है कि अधिकारी लगातार मामले को टाल रहे हैं, जिससे उन्हें अपने ही हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि न्याय का सवाल है।
डीएम का आश्वासन, लेकिन भरोसा कम
डीएम कार्यालय पहुंचे किसानों को प्रशासन की ओर से जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है। हालांकि किसानों का कहना है कि अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई चाहते हैं।
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय में मुआवजा या जमीन नहीं मिली, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
रिपोर्ट: ऋतिक द्विवेदी
