शिक्षिका से वेतनवृद्धि बहाल कराने के नाम पर वसूली, 7 महीने से चक्कर काट रही थीं पीड़िता
शाहजहांपुर/बरेली : यूपी के शाहजहांपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने बेसिक शिक्षा विभाग (BSA ऑफिस) के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक शिक्षिका की रुकी हुई वेतनवृद्धि जारी कराने के नाम पर 10 हजार रुपये की मांग की थी। बरेली एंटी करप्शन टीम ने जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन निश्चय सिंह और सहायक लेखाकार अरुण कुमार को सोमवार को 10 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया। कार्रवाई उस समय हुई, जब अरुण कुमार ने शिक्षिका से पैसे लिए और भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि रकम निश्चय सिंह को सौंपी जानी थी। इसके बाद उसे भी कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया गया।
वेतनवृद्धि रोकने के नाम पर बनाया दबाव
मामला कंपोजिट स्कूल पैना की सहायक अध्यापिका रेनू शुक्ला से जुड़ा है। अगस्त 2025 में महज 10 मिनट देरी से स्कूल पहुंचने पर उन्हें अनुपस्थित दर्ज कर दिया गया था। इसके बाद उनकी वेतनवृद्धि रोक दी गई। आरोप है कि इस कार्रवाई को खत्म कराने के लिए लगातार रिश्वत मांगी जा रही थी।
7 महीने तक चक्कर, फिर उठाया बड़ा कदम
पीड़ित शिक्षिका रेनू शुक्ला का कहना है कि वह पिछले सात महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं, लेकिन बिना पैसे दिए कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इससे उनकी दो वेतनवृद्धि रुक गई और चयन वेतनमान भी अटक गया।परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़वाया।
संविदा कर्मियों के जरिए वसूली का आरोप
शिक्षिका और शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया है कि BSA कार्यालय में संविदा कर्मियों के जरिए अवैध वसूली का नेटवर्क चल रहा है। इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच जारी, और भी खुलासे संभव
एंटी करप्शन टीम अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
