पूर्व सीएम का सीटें बढ़ाने पर सियासी वार, षड्यंत्र हुआ तो यूपी फिर हारेगी भाजपा, जनगणना बिना महिला आरक्षण नहीं, पिछड़ी और मुस्लिम महिलाओं के हक का उठाया मुद्दा
नई दिल्ली/ लखनऊ : महिला आरक्षण बिल को लेकर लोकसभा में जोरदार बहस के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।उन्होंने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसके पीछे की मंशा और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल हैं।लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सपा हमेशा से जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस की समर्थक रही है और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम करती रही है।उन्होंने कहा कि 33 फीसदी महिला आरक्षण का समर्थन है, लेकिन भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।
पहले जनगणना, फिर आरक्षण…
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी महिलाओं को अपने संगठन में पर्याप्त जगह नहीं देती,वह उनके सम्मान की बात कैसे कर सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा शासित राज्यों में कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं और पार्टी में महिला विधायकों और सांसदों की संख्या कितनी है।
जल्दबाजी क्यों?’-अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है। उनके अनुसार, सरकार जातीय जनगणना को टालना चाहती है और इसी वजह से इस बिल को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सही जनगणना नहीं होगी, तब तक आरक्षण का आधार भी सही नहीं हो सकता।
महिला नेतृत्व पर सवाल-भाजपा बताये कितनी महिला मुख्यमंत्री?
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने महिला नेतृत्व को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल 21 राज्यों में सत्ता में हैं, लेकिन बताएं कि उनमें कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं। अखिलेश यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारों की कमी के कारण वह “हाफ चीफ मिनिस्टर” जैसी स्थिति में हैं।
नारी को नारा बना रही है सरकार
सपा प्रमुख ने कहा कि महिला आरक्षण में पिछड़े वर्ग और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए। उनका दावा है कि मौजूदा प्रस्ताव में इन वर्गों की हिस्सेदारी को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है।
परिसीमन और राजनीतिक मंशा पर सवाल
उन्होंने परिसीमन (डिलिमिटेशन) को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि यह प्रक्रिया राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। उन्होंने मांग की कि पहले जनगणना कराई जाए, उसके बाद ही परिसीमन और आरक्षण लागू किया जाए। डॉ.राम मनोहर लोहिया का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक महिलाओं की राजनीति में भागीदारी नहीं बढ़ेगी, तब तक सामाजिक बदलाव अधूरा रहेगा।
तुष्टीकरण का आरोप
उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिना जनगणना कराए और पिछड़ी जातियों को शामिल किए महिला आरक्षण लागू किया जा रहा है, जो पूरी तरह से तुष्टीकरण की राजनीति है। अखिलेश यादव ने मांग की कि पहले जातीय जनगणना कराई जाए, ताकि सभी वर्गों की सही हिस्सेदारी तय हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा स्वरूप में यह बिल बड़ी आबादी के अधिकारों की अनदेखी करता है। सपा ने साफ किया है कि वह महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसके मौजूदा स्वरूप और प्रक्रिया का विरोध जारी है।
सीटें बढ़ाने पर सियासी वार-“षड्यंत्र हुआ तो यूपी फिर हारेगी भाजपा”
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संभावित बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर यह प्रक्रिया किसी साजिश या राजनीतिक षड्यंत्र के तहत की जा रही है, तो भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।अखिलेश यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जैसे भाजपा अयोध्या में चुनाव हारी, वैसे ही पूरे उत्तर प्रदेश में भी हार का सामना करना पड़ सकता है। सपा प्रमुख ने सीटों के परिसीमन और बढ़ोतरी को लेकर पारदर्शिता की मांग करते हुए इसे राजनीतिक फायदे से जोड़कर सवाल खड़े किए हैं।
