छत्तीसगढ़: सक्ती जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार को भीषण हादसा हो गया। प्लांट में लगे बॉयलर के अचानक फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस दर्दनाक घटना में अब तक 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से अधिकांश का इलाज रायगढ़ स्थित जिंदल अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, कुल 18 घायलों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 6 की मौत हो गई, जबकि बाकी का इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।
हादसा इतना भयावह था कि विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी दहशत का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, धमाके के बाद प्लांट परिसर में चीख-पुकार मच गई और कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू किया गया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया, क्योंकि जिंदल अस्पताल में वेंटिलेटर की क्षमता पूरी हो चुकी थी। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही है। वहीं एक घायल को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे के बाद राज्य सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने मृतकों के परिजनों को निर्धारित मुआवजा देने और घायलों के समुचित इलाज का भी आश्वासन दिया है। इसके साथ ही एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो प्लांट प्रबंधन, ठेकेदार और सुरक्षा मानकों की गहन जांच करेगी।
फिलहाल, प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि बॉयलर में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ।
