नोएडा : नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ कर्मचारियों का प्रदर्शन सोमवार को हिंसक रूप ले बैठा। पिछले तीन से चार दिनों से चल रहा यह आंदोलन अचानक उग्र हो गया, जिसके चलते कई इलाकों में तनाव की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि नोएडा के फेज-2 क्षेत्र में बड़ी संख्या में कंपनियों के कर्मचारी एकत्र हुए थे। ये सभी अपने वेतन में बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, सोमवार को स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश में आकर तोड़फोड़ शुरू कर दी और कई वाहनों में आग लगा दी।
जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-84 क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने कम से कम चार गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। वहीं, मदरसन कंपनी के पास भी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा कई जगहों पर निजी संपत्ति को भी क्षति पहुंचने की खबर है। हालात उस समय और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ा कदम उठाना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस दौरान हुए पथराव में कई पुलिसकर्मी और कमांडो घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
प्रदर्शन का असर नोएडा के कई प्रमुख इलाकों में देखने को मिला। सेक्टर-59, 62 और 63 समेत कई क्षेत्रों में कर्मचारियों ने सड़कों को जाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई घंटों तक सड़कें जाम रहीं। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर महिला कर्मचारी भी सड़कों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करती नजर आईं। कई कंपनियों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया, जिससे औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
गौरतलब है कि इससे पहले रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारियों की बैठक हुई थी। इस बैठक में अधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और सोमवार को आंदोलन और अधिक उग्र हो गया।
फिलहाल, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और अधिकारियों द्वारा लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि श्रमिकों की समस्याओं का समय रहते समाधान न होने पर हालात किस तरह बिगड़ सकते हैं। प्रशासन और संबंधित कंपनियों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी भी है कि संवाद और समाधान के जरिए ऐसे विवादों को समय रहते सुलझाना जरूरी है।
फिलहाल, नोएडा में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की सलाह दी जा रही है।
