पीलीभीत : यूपी के पीलीभीत जिले के गेहूं क्रय केंद्रों पर इस बार व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब मात्र एक घंटे के भीतर गेहूं की तौल पूरी हो रही है। प्रशासन की सख्ती और नई व्यवस्था के चलते किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिससे वे काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
चेतावानी के बाद प्रशासन हुआ सख्त
दरअसल, कुछ दिनों पहले एक किसान नेता द्वारा गेहूं न तुलने पर डीएम को धमकी देने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद आरोपी किसान नेता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं, डीएम ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सख्त कदम उठाए और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
डीएम खुद पहुंचे खेतों में, जानी किसानों की समस्या
स्थिति को समझने के लिए डीएम खुद पुलिस अधीक्षक के साथ खेतों में पहुंचे और किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
नई व्यवस्था से तेज हुआ गेहूं खरीद प्रक्रिया
खाद्य विभाग ने डीएम के निर्देशों के बाद नई व्यवस्था लागू की है। अब किसानों का सत्यापन ऑटोमेटिक सिस्टम के जरिए किया जा रहा है, जिससे समय की बचत हो रही है। डिप्टी आरएमओ विजय शुक्ला के अनुसार, जिले में 30 मार्च से गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है और किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। जनपद में कुल 125 क्रय केंद्र संचालित हैं।
किसानों से अपील, दलालों से रहें दूर
डिप्टी आरएमओ विजय शुक्ला ने किसानों से अपील की है कि वे साफ-सुथरा और 12 प्रतिशत नमी वाला गेहूं ही क्रय केंद्रों पर लाएं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि किसान किसी भी बिचौलिए या दलाल के झांसे में न आएं। किसी भी समस्या की स्थिति में किसान कंट्रोल रूम नंबर 0582-255-804 पर संपर्क कर सकते हैं। यदि किसी केंद्र पर गेहूं गलत तरीके से रिजेक्ट किया जाता है, तो किसान तहसील स्तर पर गठित टीम से पुनः जांच की मांग कर सकते हैं।
