वृंदावन नाव हादसा: यमुना से दो और शव बरामद, मरने वालों की संख्या 13 पहुंची, तीन अब भी लापता
वृंदावन। वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक मोटरबोट हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किए गए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। वहीं, अब भी तीन श्रद्धालु लापता हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, एक युवक का शव हादसे वाली जगह से करीब तीन किलोमीटर दूर अक्रूर घाट के पास मिला है। उसकी पहचान ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। वहीं, एक महिला का शव देवरहा बाबा घाट के समीप बरामद किया गया, जिसकी पहचान 21 वर्षीय डिकी बंसल के रूप में हुई है।
सुरेश चंद्र रावत, जो ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक हैं, ने बताया कि सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और लापता लोगों की तलाश में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यमुना के तेज बहाव और गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियां सामने आ रही हैं। यह हादसा शुक्रवार दोपहर को हुआ था, जब श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट यमुना में पलट गई। इस घटना के बाद से ही लापता श्रद्धालुओं की तलाश के लिए प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत टीमें लगातार जुटी हुई हैं। हादसे के बाद से ही प्रभावित परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
हादसे में प्रभावित अधिकांश श्रद्धालु लुधियाना और जगरांव (पंजाब) के रहने वाले बताए जा रहे हैं। लापता श्रद्धालुओं में पंकज मल्होत्रा, यश भल्ला और मोनिका के नाम सामने आए हैं। इनके परिजन पंजाब से वृंदावन पहुंच चुके हैं और अपनों की तलाश में भटक रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सोशल मीडिया पर भी इस हादसे को लेकर भावुक माहौल देखने को मिल रहा है। पंजाब और मथुरा के विभिन्न ग्रुपों में लापता लोगों की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें लोग उनके सुरक्षित मिलने की दुआएं कर रहे हैं। प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन को और व्यापक बना दिया है। केशी घाट से लेकर गोकुल बैराज तक यमुना नदी को सात अलग-अलग सेक्टरों में बांट दिया गया है। करीब 20 किलोमीटर के दायरे में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
डीआईजी आगरा रेंज के निर्देश पर हर सेक्टर में एक-एक थाना प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अपने-अपने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। सुबह पांच बजे से ही दोबारा सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसमें स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ पीएसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी शामिल हैं। संदीप कुमार सिंह, जो सीओ मांट हैं, ने बताया कि अभियान को और तेज किया गया है और आधुनिक उपकरणों की मदद से नदी के हर संभावित हिस्से की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही लापता लोगों का पता लगाने की पूरी कोशिश की जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर नदी में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि नावों और मोटरबोट्स के संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।
फिलहाल, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि लापता तीन श्रद्धालुओं का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके और उनके परिजनों को कुछ राहत मिल सके।
