बरेली : भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत बरेली में एंटी करप्शन टीम (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) ने खनन विभाग के एक लिपिक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार दोपहर को खनन अधिकारी कार्यालय में की गई। जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।
जानें क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, शहर के किला थाना क्षेत्र के रौठा गांव निवासी वेद प्रकाश का ट्रैक्टर-ट्रॉली खनन विभाग द्वारा सीज कर लिया गया था। आरोप है कि खनन विभाग में तैनात लिपिक महमूद रजा खां ने ट्रैक्टर छोड़ने के नाम पर और जुर्माने की फाइल जिलाधिकारी कार्यालय (डीएम ऑफिस) भेजने के बहाने 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी।पीड़ित ने इस मांग से परेशान होकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) से शिकायत कर दी।
ट्रैप टीम ने किया सफल ऑपरेशन, और फिर गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरा प्लान तैयार किया। सोमवार दोपहर करीब 12:52 बजे जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को पैसे दिए। टीम ने मौके पर ही लिपिक को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद खनन विभाग के दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई।
क्या बोले अधिकारी?
ट्रैप टीम के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि शिकायत सही पाई गई। आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत रिश्वतखोरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।शिकायत मिलने पर तुरंत सख्त कार्रवाई होगी।
पिछले दिनों खनन माफियाओं के खिलाफ चलाया अभियान
कुछ दिन पहले खनन विभाग ने खनन माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था। इसमें काफी वाहनों को सीज किया गया था। इसके साथ ही कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, खनन विभाग का लिपिक लंबे समय से तैनात था। मगर, इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद पिछले दिनों चलाए गए अभियान से भी लोगों को जोड़ा जा रहा है।
