गोरखपुर : गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारिता की भूमिका और उसकी जिम्मेदारियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज के समय में मीडिया के विभिन्न माध्यमों के बीच समन्वय बेहद जरूरी हो गया है। जब एक ही तथ्य को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, तो इससे आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है और मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पत्रकारिता के सभी अंगों को समान मानकों, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को कभी भी बेलगाम नहीं होने देना चाहिए और इसे हमेशा जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। भारत में पत्रकारिता का मूल उद्देश्य राष्ट्र सेवा और समाज सेवा रहा है, और इसी भावना के साथ इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है और इसमें आलोचना का महत्वपूर्ण स्थान है। आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसे सकारात्मक रूप में लेकर सुधार की दिशा में कार्य करना चाहिए। पत्रकारिता को समाज का आईना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनविश्वास का प्रतीक है और इसे बनाए रखना मीडिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत लगभग 200 वर्ष पहले 30 मई 1826 को कोलकाता से हुई थी, जब जुगुल किशोर शुक्ल ने ‘उदंत मार्तण्ड’ नामक पहले हिंदी समाचार पत्र का प्रकाशन किया था। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश को एकजुट करने में मदद की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार ‘सत्यमेव जयते’ की भावना से प्रेरित रहा है और इसे आगे भी उसी मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज को गुमराह करने वाली खबरों से बचना जरूरी है और मीडिया को सत्य और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। सरकार की नीतियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रही है। समाज के हर वर्ग तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पत्रकारों के हित में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और आवासीय योजनाओं का लाभ शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। नई टीम में ओंकार धर द्विवेदी को अध्यक्ष, धनेश कुमार को उपाध्यक्ष और पंकज श्रीवास्तव को महामंत्री बनाया गया है। इसके अलावा महेंद्र गौड़ को संयुक्त मंत्री, दुर्गेश यादव को कोषाध्यक्ष और संजय कुमार को पुस्तकालय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और मीडिया को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करना चाहिए।
