सैटेलाइट बस स्टेशन हादसे में खुली पोल, एक साल से खुला था नाला, 20 हजार यात्रियों की जान जोखिम में
बरेली : शहर के सैटेलाइट (रोडवेज) बस स्टेशन के पास खुले नाले में गिरकर हरदोई निवासी युवक तौहीद की मौत के मामले में नगर निगम ने आखिरकार सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है, और दो अभियंताओं समेत चार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई है।
जांच में चार अधिकारी जिम्मेदार
जांच कमेटी ने पूर्व अवर अभियंता अनुराग कमल, वर्तमान अवर अभियंता वीर प्रताप पटेल, सफाई निरीक्षक विवेक कुमार और सफाई नायक सर्वेश कुमार को सीधे तौर पर दोषी माना है। इसके साथ ही नाले की सफाई करने वाले ठेकेदार शाकिर मियां की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसे ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है।
एक साल तक खुला रहा ‘खतरनाक नाला’
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि व्यस्त सैटेलाइट बस स्टेशन के पास करीब 10 फीट चौड़ा नाला एक साल से खुला पड़ा था। यहां रोजाना 300 से ज्यादा बसें और करीब 20 हजार यात्री गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।
24 मार्च की रात हुआ हादसा
यह हादसा 24 मार्च की रात करीब 9:30 बजे हुआ था। इसमें हरदोई के शाहाबाद निवासी तौहीद अंधेरे में खुले नाले में गिर गए। करीब 30 घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनका शव बरामद हुआ। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया।
सुरक्षा इंतजाम सिर्फ दिखावा
जांच में सामने आया कि नाले के चारों ओर लगाए गए बैरियर महज औपचारिकता थे। न तो मजबूत जाल लगाए गए और न ही स्लैब डाले गए, जिससे हादसे का खतरा लगातार बना रहा।
अब जागा निगम, शहरभर में अभियान
इस घटना के बाद नगर निगम ने शहर के खुले नालों को ढकने के लिए अभियान तेज कर दिया है। कई स्थानों पर स्लैब और लोहे के एंगल लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सफाई के लिए नई निविदाएं जारी की गई हैं।
सख्त कार्रवाई के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, दोषियों पर वेतन वृद्धि रोकने, पदोन्नति पर रोक और निलंबन जैसी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। नगर आयुक्त ने साफ कहा है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
