अयोध्या/बलरामपुर : अयोध्या से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अफवाहों के बीच पेट्रोल-डीजल का संकट अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने के नोटिस लगा दिए गए हैं, जबकि जहां सप्लाई हो रही है, वहां भी सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है। वहीं जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां 100 रुपये तक की सीमा तय कर दी गई है। इसके साथ ही ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था भी ठप हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं को केवल नकद में ही पेट्रोल-डीजल मिल पा रहा है। इस वजह से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
सुबह होते ही शहर के पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। बुधवार तड़के सुबह 5 बजे से ही लोग लाइन में खड़े नजर आए। घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को पेट्रोल नहीं मिल सका और उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। कुछ जगहों पर सुबह 8 बजे के बाद सप्लाई शुरू हुई, लेकिन तब तक भीड़ इतनी ज्यादा हो चुकी थी कि स्थिति संभालना मुश्किल हो गया।
देवकाली बाईपास, महोबारा ओवरब्रिज और अयोध्याधाम के आसपास कई पेट्रोल पंपों पर ‘नो पेट्रोल-डीजल’ के बोर्ड लगे नजर आए। एक महिला गैस सिलेंडर लेने के बाद पेट्रोल के लिए भी लाइन में लगी दिखीं, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है। शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी हालात बदतर होते जा रहे हैं, जहां कई पंप पूरी तरह सूख चुके हैं।
इस बीच संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी भी तेज हो गई है। शहर में पेट्रोल 200 रुपये प्रति लीटर तक बिकने की शिकायतें सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें महंगे दामों पर पेट्रोल खरीदना पड़ रहा है। कई लोग सुबह से पंपों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं भी ईंधन नहीं मिल पा रहा है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को रातभर गश्त करनी पड़ी। कई संवेदनशील पेट्रोल पंपों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस की निगरानी में लोगों को लाइन में लगाया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ जगहों पर उपभोक्ताओं और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच कहासुनी और झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं।
फिलहाल प्रशासन हालात को संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कमी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह संकट कब खत्म होगा और हालात कब सामान्य होंगे।