बरेली : शहर के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के भगौतीपुर राजाराम गांव में हुए फायरिंग और मारपीट के मामले में एडीजे तबरेज अहमद की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2021 का है। जिसमें खेत के विवाद के बाद एक युवक को गोली मार दी गई थी और उसे बचाने आए परिजनों पर भी हमला किया गया था।
खेत के विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला
वादी के अनुसार 26 जून 2021 को गांव के रहने वाले प्रमोद अपने खेत पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के सेठपाल से किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद जब प्रमोद खेत से वापस घर जा रहे थे, तभी रास्ते में नंदन, जगपाल, नेत्रपाल और अभिलाख ने उन्हें घेर लिया।
रास्ते में घेरकर युवक पर चलाई थी गोली
आरोप है कि जगपाल ने तमंचे से फायर कर दिया, जिससे गोली प्रमोद के पैर में लग गई और वह घायल होकर गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर उनके चाचा ओमपाल उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। बताया गया कि नंदन ने ओमपाल के सिर पर फावड़े से वार कर दिया।
मां को भी लाठी से पीटा, घर में घुसकर दी धमकी
घटना के दौरान प्रमोद की मां रामश्री भी मौके पर पहुंचीं, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। आरोप है कि नेत्रपाल ने रामश्री पर लाठी से हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आईं। इसके बाद अभिलाख घर में घुस गया और वहां भी मारपीट करते हुए परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने दर्ज किया था हत्या के प्रयास का मुकदमा
पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर बिथरीचैनपुर थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल डंडा और फावड़ा भी बरामद किया।
कोर्ट में चली सुनवाई, दोनों पक्षों ने रखे तर्क
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने आपसी विवाद के बाद एक राय होकर प्रमोद की हत्या की नीयत से गोली चलाई और उसे बचाने आए उसके चाचा और मां पर भी हमला किया।
अदालत ने कहा अपराध गंभीर, नहीं मिलेगी राहत
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि यह गंभीर प्रकृति का अपराध है, जिसमें हत्या के प्रयास जैसी धारा शामिल है। इसलिए आरोपियों को प्रोबेशन या चेतावनी देकर छोड़ना न्यायसंगत नहीं होगा।
चारों दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा
अदालत ने चारों दोषियों जगपाल, नेत्रपाल, नंदन और अभिलाख को कई धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने धारा 307/34 (हत्या के प्रयास) के तहत प्रत्येक आरोपी को 5-5 साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी, जबकि जुर्माना अदा न करने पर दो-दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 323/34 के तहत 6-6 माह का कारावास, धारा 324/34 के तहत 1-1 साल का कारावास, धारा 452/34 के तहत 3-3 साल का कारावास और 2-2 हजार रुपये का जुर्माना, जबकि धारा 506/34 के तहत प्रत्येक आरोपी को 2-2 साल के कारावास की सजा सुनाई गई।
