पश्चिम एशिया के सुरक्षा हालात के चलते एजेंसियों ने की थी सामान्य जांच, 15 मार्च को उमरा पूरा कर भारत लौटेंगे उलेमा
नई दिल्ली/बरेली : जमात रज़ा ए मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव और काज़ी-ए-हिंदुस्तान के दामाद फरमान हसन खां ने सोशल मीडिया पर चल रही उस खबर को गलत बताया है। जिसमें काज़ी -ए-हिंदुस्तान को सऊदी अरब में हिरासत में लेने का दावा किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह अफवाह है और वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। फरमान मिया के अनुसार पश्चिम एशिया में मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए वहां की सुरक्षा एजेंसियां किसी भी बड़ी भीड़ या धार्मिक गतिविधि के दौरान सतर्क रहती हैं। इसी क्रम में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सामान्य सुरक्षा जांच की थी, जिसे कुछ लोगों ने गलत तरीके से हिरासत की खबर के रूप में फैला दिया।
15 मार्च को भारत लौटेंगे उलेमा
फरमान मिया ने बताया कि काज़ी-ए-हिंदुस्तान और उनके साथ मौजूद उलेमा का कार्यक्रम पहले से तय है। वे रियाद से मदीना के लिए रवाना होंगे, और उमरा की रस्में पूरी करने के बाद 15 मार्च को भारत लौटेंगे।
अफवाह से चिंतित हुए अकीदतमंद
सोशल मीडिया पर खबर फैलने के बाद देशभर से अकीदतमंदों ने फोन और संदेशों के जरिए उलेमा का हालचाल (खैरियत) पूछनी शुरू कर दी थी। हालांकि, दरगाह की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील
धार्मिक संगठनों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें, ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं और संवेदनशील मुद्दों को लेकर बिना पुष्टि के खबरें फैलाने से अनावश्यक भ्रम और चिंता पैदा हो सकती है, इसलिए जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करना जरूरी है।
