सपा प्रमुख ने संसद में उठाया विदेश नीति का मुद्दा, युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीयों को कैसे लाएगी सरकार?
नई दिल्ली/ लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने देश की विदेश नीति को गिरवी रख दिया है, और अब दूसरे देश भारत को निर्देश दे रहे हैं।सोमवार को संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब भारत की विदेश नीति पर बाहरी देशों का प्रभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आत्मनिर्भरता की बात करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अमेरिका जैसे देश यह तय कर रहे हैं कि भारत कितने दिन और किस देश से तेल खरीदेगा।
युद्ध को लेकर सरकार अपना रुख साफ करे
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह मौजूदा अंतरराष्ट्रीय युद्ध की स्थिति को किस तरह देख रही है। उन्होंने कहा कि कई युद्ध प्रभावित देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, जिनमें नौकरीपेशा लोग, कामकाजी नागरिक, पर्यटक और पत्रकार भी शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो पत्रकार प्रधानमंत्री के साथ विदेश गए हैं, उनकी सुरक्षित वापसी कैसे होगी और युद्ध क्षेत्र में फंसे अन्य भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
महंगाई और अन्य मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग
सपा प्रमुख ने कहा कि देश के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं। महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम लोगों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय हालात भी चिंताजनक हैं। अखिलेश यादव ने मांग की कि इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों—विदेश नीति, युद्ध की स्थिति, विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा और बढ़ती महंगाई पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश के सामने सही स्थिति स्पष्ट हो सके।
युद्ध और विदेश नीति पर संसद में चर्चा की मांग
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि मौजूदा युद्ध जैसी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए संसद के बजट सत्र में इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बजट सत्र में पहले अंतराल हुआ था तब हालात अलग थे, लेकिन अब युद्ध के कारण देश के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को युद्ध को लेकर देश का स्पष्ट पक्ष बताना चाहिए। उन्होंने विदेश नीति, तेल आपूर्ति पर आत्मनिर्णय के बजाय बाहरी दबाव, देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों, पर्यटकों और पत्रकारों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही युद्ध के कारण जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए।
15 मार्च को सपा मनाएगी ‘बहुजन समाज दिवस’ और पीडीए दिवस,कांशीराम की जयंती पर होंगे कार्यक्रम
सपा ने 15 मार्च को बहुजन नायक कांशीराम की 92वीं जयंती पर पूरे उत्तर प्रदेश के जिला मुख्यालयों में “बहुजन समाज दिवस” और पीडीए दिवस मनाने का फैसला किया है। यह कार्यक्रम सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित किए जाएंगे। पार्टी के अनुसार कांशीराम ने अपना पूरा जीवन बहुजन समाज को मजबूत करने और उन्हें सत्ता में भागीदारी दिलाने के लिए समर्पित किया था। उन्होंने मंडल रिपोर्ट के समर्थन में देशभर में आंदोलन चलाया और बहुजन समाज को संगठित करने का अभियान शुरू किया। सपा ने बताया कि पार्टी पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि मनाती रही है। इसी क्रम में 15 मार्च को प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित कर कांशीराम के योगदान को याद किया जाएगा।
