बरेली : यूपी के बरेली शहर के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रास्ते पर गाय नहलाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और गंभीर हमले तक पहुंच गया। घटना में एक ही परिवार के कई लोग घायल हो गए थे। करीब आठ साल तक चली सुनवाई के बाद अब अदालत ने इस मामले में चार आरोपियों को दोषी करार मानते हुए तीन- तीन साल जेल, और 5 – 5 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
रास्ते पर गाय नहलाते समय शुरू हुआ विवाद
मामला परातासपुर गांव का है। पीड़ित सुखवीर सिंह ने बताया था कि 10 अक्टूबर 2018 की सुबह करीब साढ़े दस बजे वह अपने घर के सामने रास्ते पर अपनी गाय नहला रहे थे। उसी समय गांव का पंचम अपनी भैंस लेकर वहां से गुजर रहा था। रास्ता खाली कराने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
देखते ही देखते बढ़ गया झगड़ा
आरोप है कि कहासुनी के दौरान पंचम का भतीजा गोकरन मौके पर पहुंच गया और उसने सुखवीर सिंह को थप्पड़ मार दिया। शोर सुनकर सुखवीर का भाई जोगेंद्र भी वहां पहुंचा, लेकिन आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच पंचम का बेटा राजपाल और उसकी पत्नी जलधारा भी लाठी-डंडे लेकर मौके पर आ गए। चारों आरोपियों ने मिलकर सुखवीर, उनके भाई और बहन पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए।
पांच गवाह किए पेश
घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर बिथरी चैनपुर थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की जांच के बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए।
अदालत ने चारों को ठहराया दोषी
इस मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पंचम, राजपाल, जलधारा और गोकरन को दोषी करार दिया। अदालत ने सभी आरोपियों को 5-5 साल की सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 324 और 504/34 में 2-2 साल तथा धारा 323/34 में 1-1 साल की सजा भी दी गई।अलग-अलग धाराओं में दी गई सजाओं को मिलाकर प्रत्येक आरोपी को कुल 8 साल तक की सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। साथ ही जुर्माना अदा न करने पर 2 महीने का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा।
