बरेली : यूपी के बरेली में होली से पहले घर जाने वालों की भारी भीड़ के चलते रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।मंगलवार को ट्रेनों और रोडवेज बसों में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। भीड़ नियंत्रित करने के लिए जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रस्सी बांधनी पड़ी, जबकि आरपीएफ और जीआरपी की अतिरिक्त टीमें तैनात की गईं।
ट्रेनों में मारामारी, 80 होली स्पेशल ट्रेनें
रेलवे प्रशासन ने बरेली होकर गुजरने वाली अप-डाउन की 80 होली स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। बावजूद इसके नियमित ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं रही। कई यात्रियों ने जनरल टिकट लेकर स्लीपर और एसी कोचों में प्रवेश किया, जिन्हें बाद में उतारा गया। श्रमजीवी, काशी विश्वनाथ, अवध असम, राज्यरानी, त्रिवेणी, कोलकाता-जम्मूतवी, हावड़ा मेल, पंजाब मेल और लखनऊ मेल जैसी ट्रेनों में भारी भीड़ देखी गई। कुछ यात्रियों ने लगेज कोच में भी सफर किया। बरेली जंक्शन रेलवे स्टेशन, बरेली सिटी रेलवे स्टेशन और इज्जतनगर रेलवे स्टेशन से बड़ी संख्या में यात्रियों ने सफर किया।
रोडवेज बसों में भी हालात ऐसे ही
रोडवेज बसों में भी यात्रियों की भारी भीड़ रही। बरेली, बदायूं, पीलीभीत और रुहेलखंड डिपो की कुल 703 बसें चलाई गईं। भीड़ को देखते हुए 135 अतिरिक्त बसें लगाई गईं और 215 बसों के फेरे बढ़ाए गए। पुराना बस स्टैंड और सेटेलाइट बस अड्डे पर बसों में चढ़ने को लेकर मारामारी रही। कुछ मार्गों बंडा, पुवायां, लखीमपुर, पूरनपुर और जैतीपुर की बसों के लिए यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम
यात्रियों की सुविधा के लिए चार एआरएम समेत 36 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। अधिकारियों की टीमें बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर लगातार निगरानी करती रहीं। तीन दिनों में करीब पौने दो लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया। होली की खुशियों के बीच यात्रा का दबाव साफ नजर आया। प्रशासन का दावा है कि अतिरिक्त ट्रेनों और बसों के संचालन से यात्रियों को राहत मिली, हालांकि भीड़ का दबाव अब भी चुनौती बना हुआ है।
