बरेली : शहर के किला थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन और वन विभाग हरकत में आ गया है। तेज रफ्तार वाहन के पेड़ से टकराने से एक महिला सहित तीन लोगों की मौत के मामले ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद जोखिम बने सड़क किनारे पेड़ों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है।
हादसे के बाद त्वरित कदम
शनिवार को हुई दुर्घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया था। इसके फुटेज में कार की रफ्तार असामान्य रूप से तेज नजर आई, जिसे हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। इसी के मद्देनज़र किला क्षेत्र में बरेली- दिल्ली रोड का तत्काल निरीक्षण कर खतरनाक स्थिति में खड़े पेड़ों को चिन्हित किया गया।

चार पेड़ काटे गए, और भी सूची में
क्षेत्राधिकारी(वन विभाग)वैभव चौधरी ने मीडिया को जानकारी दी कि अब तक किला थाना इलाके में चार पेड़ों को हटाया जा चुका है। इसके साथ ही ऐसे अन्य पेड़ों की पहचान की जा रही है, जो भविष्य में दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। कार्रवाई वन विभाग की टीम द्वारा की जा रही है।

कौन-कौन से पेड़ हटाए गए
हटाए गए पेड़ों में सेमर, गूलर और शीशम जैसी पुरानी प्रजातियां शामिल हैं। ये पेड़ वर्षों से सड़क किनारे खड़े थे, लेकिन अब उनकी स्थिति यातायात के लिहाज़ से जोखिमपूर्ण मानी गई। इसके साथ ही गिरने की हालत में थे।
तेज रफ्तार या व्यवस्था की कमी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे की जड़ सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि तेज रफ्तार और सुरक्षा इंतज़ामों की कमी भी है। नागरिकों के मुताबिक यदि पहले से स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और बैरिकेड लगाए गए होते तो जानलेवा टक्कर रोकी जा सकती थी।
जौहरपुर के बरगद पर भी चिंता
इसी क्रम में जौहरपुर गांव के पास हाईवे पर स्थित एक विशाल बरगद के पेड़ को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। लोगों ने व्यस्त मार्गों और नेशनल हाईवे पर संयुक्त सर्वे कर संभावित खतरों की समय रहते पहचान करने की मांग की है।
