बरेली/मुरादाबाद : मुरादाबाद जिले के थाना मानाढेर क्षेत्र के गांव आसपुर निवासी 45 वर्षीय हरि किशोर की बरेली में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह पिछले करीब 10 वर्षों से हत्या के एक मामले में सजा काट रहे थे, और बीते 6 वर्षों से बरेली सेंट्रल जेल में निरुद्ध थे। परिजनों के अनुसार, हरि किशोर को पिछले लगभग एक महीने से पेट में दर्द की शिकायत थी। जेल प्रशासन की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई।
जानें क्या है पूरा मामला?
मृतक की पत्नी सुमन ने बरेली जिला अस्पताल की मोर्चरी पर जानकारी देते हुए बताया कि उनके पति हत्या के एक मामले में दोषसिद्ध होने के बाद सजा काट रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत लगातार खराब थी। परिवार को बीमारी की गंभीरता की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।हरि किशोर अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और चार बेटियों को छोड़ गए हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी उसी मामले में सजा काट रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।पुलिस के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। यदि परिजन किसी प्रकार की लापरवाही की शिकायत दर्ज कराते हैं, तो नियमानुसार जांच कराई जाएगी।
जेल प्रशासन की प्रक्रिया क्या कहती है?
नियमों के अनुसार, जेल में बंद किसी भी कैदी की तबीयत बिगड़ने पर प्राथमिक उपचार जेल अस्पताल में दिया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई जाती है, विशेषकर यदि मौत इलाज के दौरान होती है।
गांव में पसरा मातम
मौत की खबर मिलते ही गांव आसपुर में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी सुमन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और बच्चों के भविष्य को लेकर मदद की मांग की है।
