बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली में एडीएम कंपाउंड स्थित सिटी मजिस्ट्रेट आवास एक बार फिर सुर्खियों में है। इस सरकारी आवास पर करीब 22 लाख 73 हजार 932 रुपये का बिजली बिल बकाया दर्शाते हुए बिजली विभाग ने रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर दी।बताया जा रहा है कि इस आवास में पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री रहते थे, जिन्होंने हाल ही में अपने पद से त्यागपत्र दिया है। इसके साथ ही नई सियासी पार्टी का गठन कर चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया है। आरसी जारी होने के बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई।
अधिशासी अभियंता कार्यालय से जारी हुई आरसी
जानकारी के अनुसार, रामपुर बाग स्थित वाणिज्यक वर्टिकल-द्वितीय कार्यालय से यह मांगपत्र जारी किया गया। अधिशासी अभियंता स्तर से 22 लाख से अधिक की बकाया राशि दिखाते हुए वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जैसे ही आरसी कलेक्ट्रेट पहुंची, उच्चाधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। सूत्रों के मुताबिक, मामला सार्वजनिक न हो, इसके लिए जिला संग्रह कार्यालय से लेकर तहसील सदर तक फाइल को गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए।
नियमों पर उठे सवाल
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि विभागीय नियमों के तहत किसी सरकारी आवास या अधिकारी के मामले में सीधे आरसी जारी करना सामान्य प्रक्रिया नहीं है। इस आधार पर बिजली विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।आपत्ति दर्ज होने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी बैकफुट पर आ गए हैं और आरसी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
समर्थक भी हुए सक्रिय
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के समर्थक भी सक्रिय हो गए हैं। प्रशासनिक गलियारों में इस प्रकरण को लेकर चर्चा तेज है और विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय किए जाने की मांग उठ रही है।फिलहाल, आरसी वापस लेने की कवायद जारी है, लेकिन 22 लाख रुपये के बकाये और विभागीय प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
