ट्रेनिंग में हुई मुलाकात, दोस्ती से रिश्ते तक पहुंची बात
अलवर/बरेली : भव्य आयोजनों के दौर में दो युवा आईएएस अधिकारियों ने सादगी की मिसाल पेश की। बरेली निवासी आईएएस अदिति वार्ष्णेय ने मसूरी निवासी आईएएस माधव भारद्वाज के साथ अलवर में जिला कलेक्टर के समक्ष विवाह पंजीकृत कराया। बिना बैंड -बाजे, बिना भारी-भरकम आयोजन के दोनों ने कोर्ट मैरिज कर जीवनसाथी बनने का निर्णय लिया।अदिति के पिता दिनेश वार्ष्णेय ने मीडिया को बताया कि, दोनों की मुलाकात सिविल सेवा प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। मगर, समान सोच और सरल जीवन के विचारों ने दोस्ती को रिश्ते में बदल दिया।प्रशासनिक सेवा में रहते हुए सादगी को प्राथमिकता देने की सोच के चलते शादी भी उसी अंदाज में की गई।
कलेक्टर के समक्ष पंजीकरण, सीमित लोग रहे मौजूद
अलवर की जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के समक्ष विवाह पंजीकृत हुआ। समारोह में सिर्फ दोनों परिवारों के सदस्य और कुछ वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। न आलीशान वेन्यू, न गहनों की चमक, न मेहमानों की भीड़, यह विवाह नई पीढ़ी के अफसरों के लिए एक अलग संदेश देता नजर आया।
पहले प्रयास में 57वीं रैंक, गुजरात कैडर की अधिकारी
आईएएस अदिति वार्ष्णेय ने वर्ष 2023 में पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 57वीं रैंक हासिल की थी। वह जीसस एंड मैरी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं और वर्तमान में गुजरात कैडर में जामनगर में प्रांत अधिकारी के पद पर तैनात हैं।
कॉरपोरेट से सिविल सेवा तक का सफर
आईएएस माधव भारद्वाज वर्ष 2023 में 536वीं रैंक के साथ सिविल सेवा में आए। उन्होंने एनआईटी प्रयागराज और आईआईएम अहमदाबाद से शिक्षा प्राप्त की है। सिविल सेवा से पहले वह कॉरपोरेट क्षेत्र में कार्यरत थे। वर्तमान में वह अलवर में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। दोनों जल्द ही पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे भी लेंगे। उनकी सादगी भरी शादी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
