दिल्ली : देश के चर्चित उन्नाव हिरासत में मौत मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा कदम उठाते हुए सभी दोषियों को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अदालत ने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, सीबीआई समेत अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। यह नोटिस उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता द्वारा दाखिल की गई याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने दोषियों की सजा बढ़ाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका को गंभीर मानते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख 2 मार्च तय की है।
पीड़िता की मांग: दोषियों को मिले और कड़ी सजा
पीड़िता की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि हिरासत में हुई मौत और उससे जुड़े अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, ऐसे में दोषियों को दी गई सजा अपर्याप्त है। याचिका में तर्क दिया गया कि इस मामले ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि पीड़िता और उसके परिवार को गहरा मानसिक और सामाजिक आघात भी पहुंचाया। पीड़िता का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में सख्त सजा नहीं दी गई, तो इससे गलत संदेश जाएगा और पीड़ितों का न्याय प्रणाली से भरोसा कमजोर होगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि हिरासत में मौत जैसे मामलों को बेहद संवेदनशील और गंभीरता से देखा जाना चाहिए। कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानना जरूरी बताया है, ताकि न्यायपूर्ण फैसला लिया जा सके।
फिलहाल, इस मामले पर देशभर में निगाहें टिकी हुई हैं। अगली सुनवाई में यह तय होगा कि दोषियों की सजा बढ़ाने की मांग पर अदालत क्या रुख अपनाती है। माना जा रहा है कि आने वाला फैसला न्यायिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम होगा।
