निवेश और शादी के वादे में उलझा युवक, फोन बंद होते ही टूटा भरोसा
बरेली : ऑनलाइन रिश्तों की दुनिया में एक और ठगी का मामला सामने आया है। शहर के मलूकपुर निवासी युवक अमित (परिवर्तित नाम) को मैट्रिमोनियल साइट पर हुई पहचान भारी पड़ गई। शादी के वादे और निवेश में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर आरोपी युवती ने तीन माह के भीतर 13,17,552.40 रुपये ट्रांसफर करा लिए, और फिर संपर्क तोड़ दिया। पीड़ित की शिकायत पर बरेली साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मैट्रिमोनियल साइट से शुरू हुआ रिश्ता
पीड़ित के मुताबिक उसकी पहचान एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिये खुद को “आंचल शर्मा” बताने वाली युवती से हुई। शुरुआती बातचीत में युवती ने खुद को सुशिक्षित और व्यवसायी बताते हुए टेक्सटाइल कंपनी व ज्वेलरी शॉप संचालित करने का दावा किया। फोन कॉल, मैसेज और भविष्य की योजनाओं के जरिए भरोसा कायम किया गया। बातचीत धीरे-धीरे शादी की चर्चा तक पहुंच गई।
निवेश का झांसा, मुनाफे का लालच
कुछ समय बाद युवती ने नया प्रस्ताव रखा। उसने कहा कि शादी के बाद जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, इसलिए अभी से निवेश करना जरूरी है। उसने अलग-अलग योजनाओं में रकम लगाने पर मोटा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया। भरोसे में आए युवक ने बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के बताये गए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी।
तीन माह में 13 लाख से ज्यादा ट्रांसफर
पीड़ित के अनुसार 13 अक्तूबर, 2025 से 25 जनवरी, 2026 के बीच अलग-अलग खातों में कुल 13,17,552.40 रुपये भेजे गए, जब उसने शादी की तारीख तय करने और आमने-सामने मिलने की बात की, तो युवती टालमटोल करने लगी। कुछ दिनों बाद उसका फोन बंद हो गया और सभी संपर्क माध्यम निष्क्रिय हो गए। तब जाकर युवक को ठगी का एहसास हुआ।
जांच में जुटी पुलिस
इस मामले की सूचना मिलने पर बरेली साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस बैंक खातों, ट्रांजैक्शन डिटेल और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह “मैट्रिमोनियल फ्रॉड” का मामला प्रतीत होता है। जिसमें भावनात्मक विश्वास का फायदा उठाकर आर्थिक ठगी की जाती है।
जानें क्या की साइबर पुलिस ने अपील
ऑनलाइन रिश्तों में जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें, निवेश से पहले कंपनी और खातों की वैधता जांचें संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें, केवल भरोसे के आधार पर आर्थिक लेनदेन से बचें
