नई दिल्ली : बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत देते हुए हुए आम चुनावों में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने शानदार जीत दर्ज की है। चुनाव परिणामों के बाद बीएनपी को संसद में दो-तिहाई से अधिक बहुमत मिला है, जिसे पार्टी के लिए ऐतिहासिक जनादेश माना जा रहा है। इस जीत के साथ ही 18 महीनों से जारी राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता संघर्ष के दौर पर विराम लगता दिख रहा है।
बीएनपी की इस बड़ी सफलता पर भारत की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर भी अहम संकेत दिए। उन्होंने कहा कि वह तारिक रहमान के साथ मिलकर भारत और बांग्लादेश के बहुआयामी रिश्तों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करने को उत्सुक हैं। इसे आने वाले समय में भारत-बांग्लादेश संबंधों में नए सिरे से संवाद और सहयोग की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनावी नतीजों पर नजर डालें तो बांग्लादेश की 300 सदस्यीय जातीय संसद में 299 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि शेरपुर-3 सीट पर एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया। संसद में बहुमत के लिए 150 सीटों की आवश्यकता होती है, जबकि 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिनका आवंटन सामान्य सीटों पर पार्टियों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीएनपी को दो-तिहाई से अधिक सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को अब तक केवल 73 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है।
बीएनपी की जीत पर भारत की विपक्षी राजनीति से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी तारिक रहमान और बीएनपी को ऐतिहासिक चुनावी सफलता पर बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस की ओर से वह तारिक रहमान और उनकी पार्टी को बांग्लादेश में संसदीय चुनाव जीतने पर शुभकामनाएं देते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीएनपी की इस जीत से बांग्लादेश की घरेलू राजनीति के साथ-साथ क्षेत्रीय समीकरणों पर भी असर पड़ेगा। भारत के साथ संबंधों को लेकर तारिक रहमान का रुख और नई सरकार की नीतियां आने वाले दिनों में दक्षिण एशिया की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
