बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के खुर्जा क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। खुर्जा स्थित झाझर मार्ग पर मधुपुरा गांव के पास आमने-सामने दो बाइकों की जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बाइक चालकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक महिला और एक मासूम बच्चा घायल हो गया, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दुर्घटना के बाद इलाके में शोक और मातम का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सनैता भाईपुर गांव निवासी जितेंद्र (42) रोजाना की तरह गुरुवार सुबह अपनी बाइक से खुर्जा जंक्शन मार्ग स्थित एक पॉटरी फैक्टरी में मजदूरी करने जा रहे थे। बताया गया कि जब वह खुर्जा–झाझर मार्ग पर मधुपुरा गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से तेज गति में आ रही दूसरी बाइक से उनकी आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे।
दूसरी बाइक पर छतारी थाना क्षेत्र के मोहम्मपुर खुर्द गांव निवासी भागेश्वर (54) सवार थे। उनके साथ उनकी पत्नी उर्मिला और दस वर्षीय बेटा माधव भी मौजूद थे। भागेश्वर अपने परिवार के साथ एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए निकले थे। हादसे में जितेंद्र और भागेश्वर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उर्मिला और मासूम बच्चा माधव भी चोटिल हो गए हादसे को देखकर मौके पर मौजूद राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से जटिया अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जितेंद्र और भागेश्वर को मृत घोषित कर दिया। दोनों की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया।
अस्पताल में जैसे ही भागेश्वर की मौत की जानकारी उनकी पत्नी उर्मिला को मिली, वह बेसुध होकर फूट-फूट कर रोने लगीं। मासूम माधव भी अपने पिता को पुकारते हुए बिलखता रहा। इस दृश्य को देखकर अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों के परिजन और स्वास्थ्यकर्मी भी भावुक हो उठे। सभी ने किसी तरह उर्मिला और बच्चे को ढांढस बंधाया। मृतक भागेश्वर के भाई लाला ने बताया कि भागेश्वर परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी आसी, बेटा मुकुल, बेटी लकी और सबसे छोटा बेटा माधव है। लाला ने बताया कि गुरुवार सुबह भागेश्वर कांवड़ लेने की तैयारी में थे और शाम को जेवर के रबुपुरा गांव में रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए परिवार के साथ निकले थे, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
वहीं, दूसरे मृतक जितेंद्र के परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जितेंद्र के छोटे भाई प्रताप ने बताया कि जितेंद्र परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके माता-पिता शीशपाल और तारा देवी, पत्नी प्रीति और तीन छोटे बच्चे दो बेटियां कन्नू और हरशु तथा बेटा आयुष सभी उन्हीं पर निर्भर थे। जितेंद्र की मौत से परिवार के छह लोगों का सहारा छिन गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को हादसे की वजह माना जा रहा है। गांवों में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है और हर आंख नम है।
