लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ब्राह्मण समाज के अपमान का मुद्दा उठाते हुए फिल्म घूसखोर पंडित पर कड़ा ऐतराज जताया है। बसपा सुप्रीमो ने इस फिल्म को समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
शुक्रवार को जारी अपने बयान में मायावती ने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक है कि बीते कुछ समय से न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि अब फिल्मों के माध्यम से भी ‘पंडित’ शब्द को घूसखोर बताकर पूरे देश में ब्राह्मण समाज का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे समूचे ब्राह्मण समाज में भारी रोष व्याप्त है और बसपा इस तरह की मानसिकता की कड़े शब्दों में निंदा करती है। मायावती ने स्पष्ट कहा कि ऐसी जातिसूचक और अपमानजनक फिल्मों पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।
इससे पहले लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में फिल्म घूसखोर पंडित के निर्देशक और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस ने निर्देशक पर जातिगत भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के अनुसार फिल्म का शीर्षक विशेष रूप से एक जाति, यानी ब्राह्मण समाज, को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया है, जिससे समाज में भारी आक्रोश और असंतोष फैल गया है।
पुलिस कमिश्नरेट ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि निर्देशक और उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह की सामग्री प्रकाशित की गई है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने और कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
