बरेली : ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी को लेकर मंगलवार को बीमा कर्मी संघ, बरेली डिवीजन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मंडल कार्यालय पर द्वार सभा आयोजित की। सभा में श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलाव, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और निगम में नई भर्तियों की मांग को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। सभा की अध्यक्षता एवं संचालन बीमा कर्मी संघ के अध्यक्ष अरविन्द देव सेवक ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रही चार श्रम संहिताएं मजदूर और कर्मचारियों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं।
श्रम संहिताओं से हड़ताल के अधिकार पर खतरा : गीता शांत
सभा को संबोधित करते हुए संघ की महामंत्री गीता शांत ने कहा कि प्रस्तावित श्रम संहिताओं में काम के घंटे बढ़ाने के साथ-साथ कर्मचारियों के हड़ताल के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीमा कर्मी संगठन इन कानूनों का पुरजोर विरोध करेगा और मजदूर हितों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा।
FDI से देश का मुनाफा बाहर जाएगा : अरविन्द देव सेवक
संघ अध्यक्ष अरविन्द देव सेवक ने कहा कि 12 फरवरी 2026 की हड़ताल भारतीय जीवन बीमा निगम, बरेली मंडल में बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन के बैनर तले पूरी मजबूती के साथ की जाएगी। उन्होंने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई का विरोध करते हुए कहा कि विदेशी कंपनियों के दखल से एलआईसी का मुनाफा देश से बाहर चला जाएगा, जो राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है।उन्होंने यह भी दोहराया कि निगम में क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर तत्काल नई भर्तियां की जाएं, ताकि कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को कम किया जा सके और सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे।
एकजुट होकर संघर्ष का संकल्प
सभा के अंत में अनामिका सारस्वत ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान दीपक मेहरा, सचिन शुक्ला, विकास गुप्ता, रियाज अहमद,आदर्श सक्सेना, रितु बनर्जी सहित बड़ी संख्या में बीमा कर्मी मौजूद रहे। सभा में कर्मचारियों ने एकजुट होकर 12 फरवरी की हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने और मजदूर -विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
