बरेली : यूपी के बरेली में बुधवार को सुरक्षा तैयारियों को लेकर ज़िला पुलिस पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने एक महत्वपूर्ण गूगल मीट गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी शामिल हुए। इस गोष्ठी में डीएम के निर्देशा पर 07 मई को रात 8:00 बजे से 8:10 बजे तक आयोजित “ब्लैक-आउट मॉक-ड्रिल” के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
ब्लैक-आउट के दौरान पूरी रोशनी बंद रखने का निर्देश

एसएसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ब्लैक-आउट के दौरान किसी भी प्रकार की रोशनी न की जाए। सायरन बजने पर सड़क पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स तुरंत बंद कर उन्हें सुरक्षित ढंग से सड़क किनारे सुव्यवस्थित रूप से खड़ा किया जाए। समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्र में आवश्यक सतर्कता बरतने और मॉक-ड्रिल की प्रक्रिया को सार्थक रूप से संपादित करने का निर्देश दिया गया।
हाईवे सुरक्षा को लेकर विशेष अलर्ट, 2 घंटे का विशेष प्लान लागू

मॉक-ड्रिल के दौरान हाईवे सुरक्षा को प्राथमिकता देकर सभी हाईवे थानों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। इसके तहत आज शाम 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक “हाईवे सुरक्षा प्लान” क्रियान्वित किया जाएगा। इस दौरान हाईवे पेट्रोलिंग को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
महत्वपूर्ण संस्थानों और स्थलों पर चेकिंग अभियान
जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थित प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठान, होटल, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, तेल डिपो, मंडी समिति, स्कूल, कॉलेज,यूनिवर्सिटीज़, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट और न्यायालय परिसर आदि पर विशेष सतर्कता बरतें। थाना प्रभारी एवं पर्याप्त पुलिस बल के साथ इन स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी व चेकिंग अभियान सुनिश्चित किया जाए। यह विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि तलाशी के दौरान व्यवहार पूरी तरह शालीन और मर्यादित रखा जाए ताकि आम जनता में भरोसा बना रहे।
सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील क्षेत्रों पर 24 घंटे निगरानी
बरेली जनपद की साम्प्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे सतर्क रहने और निरंतर भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाली संभावित अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर त्वरित कार्यवाही करने और असामाजिक तत्वों पर निगरानी बनाए रखने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्थानीय अभिसूचना इकाई को सजग और सक्रिय रहते हुए खुफिया सूचनाओं का त्वरित संकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला नियंत्रण कक्ष और डायल 112 हाई अलर्ट मोड पर
जनपद का जिला नियंत्रण कक्ष, नगर नियंत्रण कक्ष और डायल 112 यूनिट्स को पूर्ण रूप से हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। इसके अलावा पुलिस ऑफिस और रिजर्व पुलिस लाइन के एंट्री गेट्स पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
