आजादी के बाद बरेली में शिक्षा की क्रांति, आधुनिकता की तरफ बदलता ‘झुमका सिटी’
बरेली : देश और प्रदेश की राजधानी के बीच स्थित बरेली शहर सिर्फ सूफी परंपरा और धार्मिक धरोहर के लिए ही नहीं, बल्कि अब शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग और परिवहन के तेजी से विकसित हो रहे केंद्र के रूप में भी जाना जाता है। गुलामी के दौर में जहां यह शहर क्रांतिकारियों की आवाज बना, वहीं अब आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान दे रहा है। यहां की शिक्षा का मुख्य केंद्र बरेली कॉलेज है। मगर, अब महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में आधी यूपी में शिक्षा की रोशनी फैला रही है।
1857 में बरेली कॉलेज की स्थापना, सिर्फ 57 छात्रों से आगाज
बरेली कॉलेज, बरेली की स्थापना 1857 में हुई थी। उस वक्त सिर्फ 57 स्टूडेंट से शुरू हुई थी। 1889 में आईवीआरआई की नींव रखी गई, जो आज पशु चिकित्सा शोध में अग्रणी है। 1975 में एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। मगर, इनवर्टिस यूनिवर्सिटी और सैकड़ों निजी/सरकारी डिग्री कॉलेजों ने शैक्षणिक कद बढ़ाया है। मगर, तेजी से बढ़ता मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के बाद एम्स की मांग बढ़ी है।
बरेली में तीन प्रमुख मेडिकल कॉलेज
यहां तीन मेडिकल कॉलेज हैं। जहां देश भर के स्टूडेंट मेडिकल की पढ़ाई करते हैं। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज (नैनीताल रोड),रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज (पीलीभीत बाईपास) और राजश्री मेडिकल कॉलेज (रामपुर-हाईवे) पर है। यहां से हज़ारों छात्र हर साल चिकित्सा के क्षेत्र में निकलते हैं। हालांकि, अब एम्स (AIIMS) की स्थापना की माँग भी तेज़ हो गई है। जनप्रतिनिधियों ने प्रस्ताव भी भेजा है।
सड़क, ओवरब्रिज और हाईवे का जाल
बरेली में ब्रिटिश काल में सिर्फ एक कच्चा हाईवे था। मगर, अब तीन नेशनल हाईवे, बड़े बाईपास और सात ओवरब्रिज हैं। शहर के शहामतगंज, आईवीआरआई, कुदेशिया, चौपला, किला, सैटेलाइट और कुतुबखाना ने राह को आसान कर दिया है। इसमें से अधिकांश सपा की सरकार में बने थे। शहर से गांव तक पक्की सड़कों का विस्तार किया गया है। बेहतर और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था
पांच औद्योगिक क्षेत्र, बरेली बन रहा है रोजगार का हब
बरेली में चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र: परसाखेड़ा, सीबीगंज, भोजीपुरा, रजऊ और मोहनपुर है। यहां की रबर फैक्ट्री (सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड) माचिस फैक्ट्री (विमको) आईटीआर, हिंदुस्तान लीवर जैसे पुराने उद्योग कभी पहचान थे। मगर, आज नए छोटे-बड़े उद्योग युवाओं को दे रहे हैं रोजगार
रेल, बस और हवाई सेवा, हर ओर से जुड़ रहा बरेली
बरेली देश के हर प्रमुख शहर से जुड़ चुका है। यहां से एयर, रेल और रोड की सेवा है। बरेली जंक्शन,बरेली सिटी,इज्जतनगर,कैंट हैं, तो वहीं रेल पूर्वोत्तर रेलवे का इज्जतनगर रेल मंडल मुख्यालय है, रेल कारखाना और डीजल शेड है। बरेली एयरपोर्ट से देश के प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें,रोडवेज और सैटेलाइट बस अड्डा से बेहतर बस सेवाएं हैं, तो वहीं इज्जतनगर और रामगंगा आवासीय योजना में सैटेलाइट बस अड्डे बन रहे हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत कायम
यहां सुन्नी मरकज़ आला हजरत दरगाह है। देश-विदेश से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। इमाम अहमद रज़ा खां की दीनी किताबें आज भी मार्गदर्शक,सालाना उर्स आयोजन, सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
बरेली की खास पहचान: झुमका, बांस, सुर्मा और माझा
यूपी का बरेली शहर “झुमका गिरा रे…” से प्रसिद्ध है। झुमका चौराहा बनाया गया है। बेत (बांस), सुर्मा, माझा और फर्नीचर उत्पाद देशभर में मशहूर हैं। झुमका चौराहा बना शहर की आधुनिक सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।
