नई दिल्ली : लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। राहुल गांधी ने चीन से जुड़े एक मुद्दे को उठाते हुए कथित रूप से संसदीय नियमों का उल्लंघन किया, जिस पर भाजपा ने सदन की मर्यादा तोड़ने और लोकसभा अध्यक्ष का अपमान करने का आरोप लगाया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस दौरान राहुल गांधी को सदन में नियमों के तहत बोलने की सख्त हिदायत दी। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि कोई सदस्य तथ्यों और संसदीय नियमों की अनदेखी करता है, तो उन्हें दूसरे वक्ताओं को बोलने का अवसर देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। यह चेतावनी उस समय दी गई जब राहुल गांधी ने गैर-सूचीबद्ध मुद्दा उठाते हुए चीन से संबंधित टिप्पणी की।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सभी सांसद सदन में मौजूद थे और राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के रूप में बोलने का अवसर दिया गया। लेकिन उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया और एक संदिग्ध पुस्तक से उद्धरण देने लगे, जिसकी प्रामाणिकता और प्रकाशन की जानकारी स्पष्ट नहीं थी। रिजिजू ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है और राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद किसी व्यक्ति की जागीर नहीं है, बल्कि यह नियमों और परंपराओं के अनुसार चलती है, और विपक्ष के नेता को इसका उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी द्वारा चीन सीमा का मुद्दा उठाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या वह 1959 और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई जमीन वापस ला सकती है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी खुद को संसद से ऊपर समझते हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनके नियम उल्लंघन पर तालियां बजाई।
इस मामले पर राज्यसभा सांसद और आरजेडी नेता मनोज झा ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि सदन ने अपने ही तय किए गए नियमों से दूरी बना ली है। मनोज झा ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी पत्रिकाओं और प्रकाशित स्रोतों का हवाला दिया है और उस समय इसे आपत्तिजनक नहीं माना गया। लेकिन अब उन्हें संदेह है कि क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को भविष्य में प्रकाशित होने की अनुमति मिल पाएगी या नहीं।
