अब पूरी दुनिया सुन रही है आवाज कभी स्कूल और कॉलेज के सांस्कृतिक मंचों पर गीत गाने वाली
बरेली : यूपी के बरेली की सिंगर वर्षा सिंह आज ग्लोबल म्यूजिक प्लेटफॉर्म स्पॉटीफाई पर 174 देशों में सुनी जा रही हैं। स्पॉटीफाई के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, वर्षा के गानों को अब तक 5.3 मिलियन (53 लाख) से ज्यादा लोग सुन चुके हैं, जबकि 18.9 मिलियन स्ट्रीम्स के साथ श्रोताओं ने उनके संगीत पर करीब 550 घंटे का वक्त बिताया है। यह सफर न सिर्फ एक गायिका की सफलता की कहानी है, बल्कि बरेली से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने की मिसाल भी है।
वीर सावरकर नगर से म्यूजिक इंडस्ट्री तक

शहर के वीर सावरकर नगर की रहने वाली वर्षा सिंह को बचपन से ही गायन का शौक था। स्कूल-कॉलेज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उनकी आवाज हमेशा सराही जाती रही।उन्होंने दो वर्षों तक गुरु आलोक बनर्जी से विधिवत संगीत की शिक्षा ली। इस सफर में उनकी मां राकेश चंदेल ने बेटी के सपनों को उड़ान देने में अहम भूमिका निभाई।
इंडियन आइडल से द वॉयस इंडिया तक मिला बड़ा मंच
वर्षा सिंह को पहला बड़ा आत्मविश्वास इंडियन आइडल के मंच से मिला, लेकिन उनकी असली पहचान टीवी शो ‘द वॉयस इंडिया’ से बनी। इस शो में वह मशहूर सिंगर हिमेश रेशमिया की टीम का हिस्सा रहीं। भले ही वह खिताब नहीं जीत पाईं, लेकिन इसी मंच से उन्हें म्यूजिक इंडस्ट्री में बड़ा ब्रेक मिला। हिमेश रेशमिया ने उनकी गायकी को पहचान दी और आगे बढ़ने का रास्ता खोला।
जिंगल से लेकर फिल्मों तक बनाई पहचान
‘द वॉयस इंडिया’ के बाद वर्षा सिंह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने बजाज एलमंड ऑयल, साफी, ओलेक्स, अमेज़न, विप्रो जैसे बड़े ब्रांड्स के लिए जिंगल गाए। इसके अलावा, उन्होंने फिल्म ‘घूमकेतु’ में मशहूर कोरियोग्राफर-डायरेक्टर रेमो डिसूजा के साथ भी गाना गाया।उनके बैंड ने देश-विदेश में स्टेज परफॉर्मेंस देकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई।
देश की पहली पीरियड शॉर्ट फिल्म में गाया भजन
वर्षा को देश की पहली पीरियड शॉर्ट फिल्म ‘1869’ में भी गाने का मौका मिला। इस फिल्म में उन्होंने ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन को अपने अनोखे अंदाज में गाकर खूब सराहना बटोरी। इसके अलावा यूट्यूब चैनलों रियाज़ टीवी और कवर टीवी के जरिए भी उनकी आवाज को बड़ी पहचान मिली।
स्पॉटीफाई पर छाया बरेली का सुर
एक वक्त था जब वर्षा सिंह की आवाज सिर्फ बरेली तक सीमित थी, लेकिन आज स्पॉटीफाई जैसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म के जरिए उनकी गायकी 174 देशों तक पहुंच चुकी है। स्पॉटीफाई की रिपोर्ट बताती है कि उनके गानों को सुनने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे वह डिजिटल म्यूजिक की दुनिया में मजबूत पहचान बना रही हैं।
मी टू अभियान में आरोपों को लेकर भी रहीं सुर्खियों में
मुंबई में रहते हुए वर्षा सिंह मी टू अभियान के दौरान भी चर्चा में रहीं।उन्होंने मशहूर गायक कैलाश खेर और संगीतकार तोशी पर आरोप लगाए थे, जिससे म्यूजिक इंडस्ट्री में हलचल मच गई थी। वर्षा सिंह की सफलता बरेली के युवाओं के लिए प्रेरणा है। छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन कड़ी मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास से वर्षा ने यह कर दिखाया। आज उनकी आवाज सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कोने-कोने में सुनी जा रही है,और यह सफर अभी जारी है।
