पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम- स्मार्ट सिंचाई से पार्कों का संरक्षण और जल प्रबंधन, एक लाख रुपये खर्च में बेहतर सिंचाई और पानी की बचत
बरेली : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के निर्देश पर नगर निगम बरेली ने शहर के पार्कों में हरियाली और पानी की बचत सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस तकनीक के जरिए अब पार्कों में तय समय पर अपने आप पानी का छिड़काव होगा। जिससे सिंचाई नियमित और प्रभावी बनेगी।
यह होगा पायलट प्रोजेक्ट का दायरा
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र के कमिश्नर आवास और नगर निगम कैंपस के पार्कों से की गई है। इन दो पार्कों में सिस्टम लगाने का खर्च लगभग एक लाख रुपये प्रति पार्क रहा।
ऑटोमेशन से होगा कम खर्च में अधिक लाभ
ऑटोमेटिक वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम से मानवीय दखल खत्म होगी और पौधों व घास की सिंचाई तय समय पर स्वतः होगी। अधिकारियों का कहना है कि पायलट सफल रहने पर यह तकनीक शहर के सभी 253 पार्कों में लागू की जाएगी। इससे न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि कम खर्च में पार्कों की हरियाली लंबे समय तक बनी रहेगी।
पर्यावरण संरक्षण और हरे-भरे पार्कों की सौगात
पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के स्मार्ट प्रबंधन की दिशा में अहम कदम है। शहरवासियों को साफ, सुंदर और हरे-भरे पार्कों का लाभ मिलेगा।
सिस्टम की यह हैं विशेषताएँ
तय समय पर पानी का छिड़काव, नियमित और प्रभावी सिंचाई, कम खर्च में उच्च गुणवत्ता वाली जल व्यवस्था, मानवीय दखल की आवश्यकता समाप्त, पानी की बचत के साथ लंबे समय तक पौधों और
घास की सुरक्षा होगी। नगर निगम का लक्ष्य है कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद शहर के सभी पार्कों में ऑटोमेटिक सिंचाई प्रणाली लागू की जाए, जिससे पूरे शहर में हरियाली सुरक्षित रहे और नागरिकों को स्वच्छ व हरे-भरे पार्कों का लाभ मिले।
