झांसी : झांसी से बड़ी खबर सामने आई है। सीबीआई ने सेंट्रल जीएसटी विभाग में तैनात डिप्टी कमिश्नर और आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी समेत तीन अफसरों को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में जीएसटी मामलों के वकील और एक व्यापारी को भी गिरफ्तार किया गया है। कुल मिलाकर सीबीआई ने इस केस में पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
सीबीआई के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में सेंट्रल जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और सुपरिटेंडेंट अजय कुमार शर्मा शामिल हैं। इनके साथ जीएसटी मामलों के अधिवक्ता नरेश कुमार गुप्ता और जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगनानी को भी गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी और तलाशी के दौरान सीबीआई ने आरोपियों के ठिकानों से करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और कई संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। केवल नकदी की बात करें तो करीब 90 लाख रुपये कैश मौके से मिला है।
गोपनीय ऑपरेशन के तहत हुई कार्रवाई

सीबीआई ने इस पूरे ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा। मंगलवार को टीम झांसी पहुंची और नवाबाद थाना क्षेत्र में डेरा डालकर निगरानी शुरू की। बुधवार को अफसरों को जब कार्रवाई की भनक लगी, तब तक सीबीआई अपना काम कर चुकी थी। कार्रवाई के बाद कई जीएसटी अफसरों ने अपने मोबाइल फोन तक स्विच ऑफ कर लिए।
बीच सड़क रिश्वत लेते पकड़े गए अफसर
सीबीआई ने जाल बिछाकर डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और दोनों सुपरिटेंडेंट को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रिश्वत जीएसटी छापे की कार्रवाई रोकने और मामले को निपटाने के एवज में ली जा रही थी।
12 दिन पहले पड़ी थी जीएसटी की रेड
बताया जा रहा है कि 19 दिसंबर को प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी टीम ने झोकन बाग इलाके में जय दुर्गा हार्डवेयर पर छापा मारा था। टैक्स गड़बड़ी के आरोप में वहां से तीन बोरों में भरे दस्तावेज जब्त किए गए थे और जांच चल रही थी।
डेढ़ करोड़ की डिमांड का आरोप
जांच में सामने आया है कि इस केस को दबाने और निपटाने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। यह सौदा वकील नरेश कुमार गुप्ता के जरिए व्यापारी राजू मंगनानी से तय किया जा रहा था। इसी बातचीत का इनपुट सीबीआई तक पहुंचा, जिसके बाद मंगलवार को केस दर्ज कर ट्रैप की कार्रवाई की गई।
अब आगे की कार्रवाई
सीबीआई ने सभी आरोपियों को गोपनीय स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि मेडिकल जांच के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
